अदरक का स्वाद चखकर बंदर ने दिया ऐसा रिएक्शन

अदरक का स्वाद चखकर बंदर ने दिया ऐसा रिएक्शन

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख आप हैरान हो जाएंगे। इस वीडियो में एक बंदर ने पुरानी कहावत 'बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद' को गलत साबित कर दिया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक चबूतरे पर कई बंदर बैठकर सुकून भरे पल बिता रहे हैं। मानो बंदर भी लॉकडाउन के नियमों का पालन कर रहे हैं।


वहीं, कुछ बच्चे बंदरों को देख शोर मचाने लगते हैं। यह सुन बड़े लोग भी घर से बाहर निकल आते हैं। कुछ लोग बंदर के साथ मस्ती करने लगते हैं, तो कुछ लोग बंदरों को चिढ़ाने लगते हैं। इस क्रम में एक व्यक्ति अदरक लेकर बंदरों के पास जाकर देने की कोशिश करता है। कुछ बंदर अनजान बन व्यक्ति के प्रस्ताव को ठुकरा देता है। वहीं, सबसे बड़ा बंदर आगे आकर मानो कहना चाहता है कि जरा दिखाओ-मैं कोशिश करता हूं। इसके बाद वह अपने पंजे के सहारे अदरक को तोड़ता और फिर खाने की कोशिश करता है। इस दौरान बंदर को अदरक का स्वाद पसंद नहीं आता है। फिर क्या-बंदर अदरक को दूर फेक देता है।

इस वीडियो को भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुशांत नंदा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक 25 हजार से अधिक बार देखा गया है। वहीं, 2 हजार से अधिक लोगों ने पसंद किया है। जबकि, कुछ लोगों ने कमेंट कर कुछ लोगों ने बंदर की जमकर तारीफ की है। एक यूजर पंकज ने लिखा है-मैने ये सिर्फ कहावत ही सुनी थी आज देख भी लिया। एक अन्य यूजर करिश्मा ने लिखा है-बेचारा कुछ स्वादिष्ट चीज की उम्मीद में था।


यहां जेल में गांजे के कश के साथ होती है अय्यासी, मोबाइल पर रची जाती है हत्या की साजिश

यहां जेल में गांजे के कश के साथ होती है अय्यासी, मोबाइल पर रची जाती है हत्या की साजिश

आजकल कई जेल सजा के लिए नहीं बल्कि अय्याशी के लिए भी जानी जाती है। जिनमे कई जेल में प्रतिबंधित हरकतों को अंजाम दिया जाता है। ऐसे ही आज हम एक जेल के बार में आपको बताने जा रहे है। सूबे के सबसे बड़े बेउर जेल में बंद कैदियों द्वारा गांजे का कश लिए जाने के साथ ही मोबाइल पर बातचीत करने का वीडियो वायरल हुआ है खबरों के अनुसार जेल के सुपरिटेंडेंट से बात की तब उन्होंने वीडियो की सत्यता की पुष्टि भी की। 

जेल में लगाए जाते है गांजे के कश

सुपरिटेंडेंट का दावा है कि यह वीडियो कुछ दिन पहले का है और वीडियो में जिन कैदियों की तस्वीरें आई हैं उनमें से कई दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिए गए हैं और उसका बेल भी हो गया है। आखिर सवाल यह है कि पुलिस और जेल प्रशासन की छापेमारी में जेल के अंदर कुछ खास नहीं मिलता है, लेकिन इसके बावजूद जेल के अंदर आखिरकार गांजा और मोबाइल जैसी आपत्तिजनक चीजें कैसे पहुंच जाती हैं?


हत्या की रची गई साजिश

पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अभी हाल ही में कोलकाता में भाजपा नेता व कार्यकर्ता की हुई हत्या की साजिश में बंद कैदी द्वारा रची गई थी। जानकारी के मुताबिक, मनीष शुक्ला हत्याकांड की स्क्रिप्ट पश्चिम बंगाल में लिखी गई थी, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने का काम बेउर जेल में किया गया।