'कैच पिग' प्रतियोगिता में लड़कियों के छूटे पसीने, हंसी नहीं रोक पाएंगे

'कैच पिग' प्रतियोगिता में लड़कियों के छूटे पसीने, हंसी नहीं रोक पाएंगे

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देख अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। वीडियो में लड़कियां जिस तरह से आखों में पट्टी बांधकर पिग के बच्चे को पकड़ने की कोशिश कर रही हैं। वह काबिलेतारीफ है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किसी जगह पर 'कैच पिग' प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में लोग मैच देखने आए हैं और अपने प्रतिभागी का ताली बजाकर हौसलाअफजाई कर रहे हैं। इससे प्रतिभागी के दिल में भी कुछ कर गुजरने की तमन्ना जाग उठती है।


तभी रेफरी सिटी बजाकर मैच शुरू करने की सलाह देता है। इसके बाद दो लड़कियां आंखों पर पट्टी बांधकर पिग पकड़ने की कोशिश करती हैं। यह दृश्य देखने लायक होता है। जब लड़कियां पिग के बजाय एक दूसरे को पकड़ लेती हैं। यह क्रम बार-बार दोहराया जाता है। यह देख लोग हंसने लगते हैं। इसके बावजूद लड़कियां पिग पकड़ नहीं पाती हैं और एक दो बार टकरा जाती हैं। यह प्रतियोगिता बेहद ही हास्यास्पद है, लेकिन बुद्धि विकास में सहायक हो सकता है। इस तरह का खेल कुछ जगहों पर खेला जाता है।

इस वीडियो को भारतीय सेवा अधिकारी Rupin Sharma IPS ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपने अकांउट से शेयर किया है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है- इसको पकड़ो तो जानें। इस वीडियो को खबर लिखे जाने तक तकरीबन 1 हजार बार देखा गया है। वहीं, कुछ लोगों ने पसंद और कंमेटस किए हैं। एक यूजर राजीव ने लिखा है-इनको खुली आंखों पकड़ना मुश्किल है, ये तो बंद आंखों से पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एक अन्य यूजर ने महिपाल सिंह ने लिखा है-इन्हें पकड़ने के लिए आर्मी को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।


यहां जेल में गांजे के कश के साथ होती है अय्यासी, मोबाइल पर रची जाती है हत्या की साजिश

यहां जेल में गांजे के कश के साथ होती है अय्यासी, मोबाइल पर रची जाती है हत्या की साजिश

आजकल कई जेल सजा के लिए नहीं बल्कि अय्याशी के लिए भी जानी जाती है। जिनमे कई जेल में प्रतिबंधित हरकतों को अंजाम दिया जाता है। ऐसे ही आज हम एक जेल के बार में आपको बताने जा रहे है। सूबे के सबसे बड़े बेउर जेल में बंद कैदियों द्वारा गांजे का कश लिए जाने के साथ ही मोबाइल पर बातचीत करने का वीडियो वायरल हुआ है खबरों के अनुसार जेल के सुपरिटेंडेंट से बात की तब उन्होंने वीडियो की सत्यता की पुष्टि भी की। 

जेल में लगाए जाते है गांजे के कश

सुपरिटेंडेंट का दावा है कि यह वीडियो कुछ दिन पहले का है और वीडियो में जिन कैदियों की तस्वीरें आई हैं उनमें से कई दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिए गए हैं और उसका बेल भी हो गया है। आखिर सवाल यह है कि पुलिस और जेल प्रशासन की छापेमारी में जेल के अंदर कुछ खास नहीं मिलता है, लेकिन इसके बावजूद जेल के अंदर आखिरकार गांजा और मोबाइल जैसी आपत्तिजनक चीजें कैसे पहुंच जाती हैं?


हत्या की रची गई साजिश

पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अभी हाल ही में कोलकाता में भाजपा नेता व कार्यकर्ता की हुई हत्या की साजिश में बंद कैदी द्वारा रची गई थी। जानकारी के मुताबिक, मनीष शुक्ला हत्याकांड की स्क्रिप्ट पश्चिम बंगाल में लिखी गई थी, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने का काम बेउर जेल में किया गया।