नये साल पर जश्न नहीं मना सकेंगे लोग, इस बड़े राज्य की सरकार ने जारी किए नये आदेश

नये साल पर जश्न नहीं मना सकेंगे लोग, इस बड़े राज्य की सरकार ने जारी किए नये आदेश

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने होटलों और अन्य सभी सार्वजनिक स्थानों पर नए साल का जश्न मनाने पर मंगलवार को रोक लगा दी। सरकार का कहना है कि इस तरह से लोगों के एकत्र होने से कोविड​​-19 संक्रमण के फैलने का अधिक खतरा है। पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पिकनिक पर भी रोक लगा दी गई है। विशेष राहत आयुक्त ने दिसंबर के लिए नवीकृत कोविड दिशा-निर्देशों में कहा कि नए साल की पूर्व संध्या के मौके पर खुले में किसी भी सामुदायिक भोज की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मतौर पर लोग 31 दिसंबर और एक जनवरी को नए साल का स्वागत करने के लिए होटल, रेस्तरां, क्लब, पार्क और कन्वेंशन हॉल में बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं। एक आदेश में कहा गया है कि इस तरह से लोगों के एकत्र होने पर कोविड के प्रसार का अधिक खतरा है, इसलिए नव वर्ष की पूर्व संध्या और नये साल पर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है।

राज्य में सप्ताहांत में कोई बंद नहीं होगा और सभी शहरी क्षेत्रों में हर रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू रहेगा।


इतने साल की बच्ची के साथ हुआ दुष्कर्म , गार्ड हुआ गिरफ्तार

इतने  साल की बच्ची के साथ हुआ  दुष्कर्म , गार्ड  हुआ गिरफ्तार

विस्तार केंद्रशासित प्रदेश दादर और नगर हवेली, दमन और दीव के दमन जिले में एक सरकारी अस्पताल में 11 साल की लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप में एक सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। दमन थाने के एक अधिकारी ने बताया कि बच्ची अपनी मां के साथ थी, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा था। यह घटना 11 जनवरी को मारवाड़ सरकारी अस्पताल में हुई थी। आरोपी ने कथित तौर पर लड़की को पानी देने के बहाने सुनसान कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

अधिकारी ने कहा कि अपराध के बारे में जानने के बाद एक पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। सुरक्षा गार्ड फरार था, इसलिए हमने कई दलों का गठन किया और उसे बस अड्डे से तब पकड़ लिया जब वह कल रात जिले से भागने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान प्रशांत कुमार के रूप में हुई है जो बिहार का रहनेवाला है।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376 (ए) (बी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आगे की जांच जारी है।