केरल सोना तस्करी के मुद्दा : तीन मुख्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा

केरल सोना तस्करी के मुद्दा :  तीन मुख्य आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा

केरल में हाई प्रोफाइल सोना तस्करी के मुद्दे ( Kerala Gold Smuggling Case ) में तीन मुख्य आरोपियों- स्वप्ना सुरेश (swapna suresh ), सारिथ पीएस व संदीप नायर को शुक्रवार को

कोच्चि की न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate (ED) ) की हिरासत में भेज दिया. इससे पहले गुरुवार को न्यायालय ने स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. वहीं, न्यायालय ( Kerala court ) ने तीनों को हिरासत में भेजते हुए कठोर आदेश दिए कि अगर आरोपी को मानसिक यातना दी गई तो वो कड़ी कार्रवाई करेगी.

एर्नाकुलम प्रधानाचार्य सेशंस न्यायालय ने तीनों आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है व निदेशालय को आदेश दिए हैं कि स्वप्ना सुरेश से पूछताछ केवल 10 से 5 बजे के बीच की जानी चाहिए. वहीं, न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को यह आदेश भी दिए कि अगर हिरासत में आरोपी का मानसिक यातना की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने न्यायालय को बताया कि स्वप्ना सुरेश ने खुलासा किया था कि सीएम ऑफिस के प्रमुख सचिव एम शिवशंकर से उनकी बहुत ज्यादा नजदीकी है व वह (शिवशंकर) अच्छी तरह जानते थे कि उसकी (स्वप्ना) ईमानदारी संदिग्ध है. इसलिए शिवशंकर से भी आगे की पूछताछ महत्वपूर्ण हो जाती है.

ईडी की तरफ से पेश एडवोकेट ने न्यायालय को बताया कि जब 17 अक्टूबर 2017 से 21 अक्टूबर 2018 तक हिंदुस्तानियों को भोजन राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश के प्रमुख ऑफिसर संयुक्त प्रदेश अमीरात में थे, स्वप्ना की शिवशंकर से कई बैठकें हुई थीं. यह खुलासा हुआ है कि उसका सीएम ऑफिस में बहुत ज्यादा दबदबा था.

बता दें कि कोच्चि की न्यायालय ने गुरुवार को मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. कोच्चि न्यायालय के अलावा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) ने बीते हफ्ते सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्वप्ना सुरेश की याचिका पर बुधवार को आदेश देने की घोषणा की थी, हालांकि बुधवार को उन्होंने इसे गुरुवार के लिए बढ़ा दिया था.
सुनवाई के दौरान स्वप्ना सुरेश ने न्यायालय में दलील दी थी कि वह बेगुनाह है. स्वप्ना ने बोला था कि मौजूदा मुद्दा ( Kerala Gold Smuggling ) केन्द्र व प्रदेश सरकार के बीच चल रही सियासी खींचतान को लेकर खड़ा किया गया है. वहीं, कस्टम विभाग ने दलील दी थी कि उनके पास स्वप्ना के विरूद्ध कई पुख्ता सबूत हैं. इस मुद्दे में एक अन्य आरोपी की पत्नी ने स्वप्ना के विरूद्ध बयान भी दिया है.

गौरतलब है कि कोच्चि की विशेष एनआईए ( National Investigation Agency ) न्यायालय ने मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश व संदीप नायर को 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. स्वप्ना सुरेश ने न्यायालय में बोला कि उसे हिरासत में मानसिक यातना झेलनी पड़ी थी व इसी वजह से उसने सीमा शुल्क अधिकारियों को अपना बयान दिया था.

बता दें कि यह मुद्दा 14.82 करोड़ रुपये के 30 किलोग्राम सोने की तस्करी का है. जिसे राजनयिक सामान के रूप में एक खेप में तस्करी करके तिरुवनंतपुरम में बीते 5 जुलाई को सीमा शुल्क द्वारा बरामद किया गया था.