काम न करने का बहाना कोई इनसे सीखे, आरओबी पर एक-दूसरे का मुंह ताक रहे चार महकमे

काम न करने का बहाना कोई इनसे सीखे, आरओबी पर एक-दूसरे का मुंह ताक रहे चार महकमे

काम न करने का बहाना बनाना कोई सरकारी महकमों से सीखे। भंडारीबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के शिलान्यास को करीब दो माह बीत चुके हैं और अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। निर्माण कंपनी ईपीआइएल (इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लि.) इसलिए काम आगे नहीं बढ़ा पा रही, क्योंकि यहां यूटीलिटी शिफ्टिंग (नहर, पेयजल लाइन, बिजली की लाइन आदि) के काम नहीं हो पाए हैं। शिफ्टिंग से जुड़े चार महकमे यह कहकर एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं कि जब अन्य काम पूरे होंगे, तभी वह अपना काम शुरू कर पाएंगे।

आरओबी का काम तभी गति पकड़ पाएगा, निर्माण स्थल से सीवर/पेयजल व बिजली की लाइनों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। नहर को भूमिगत कर दिया जाएगा और निर्माण की जद में आने वाले पेड़ों का कटान कर दिया जाएगा। सिंचाई विभाग का कहना है कि वह नहर को तभी भूमिगत कर पाएंगे, जब बिजली की लाइन शिफ्ट कर दी जाएगी। वहीं, ऊर्जा निगम अपनी लेटलतीफी के लिए सीवर लाइन/पेयजल लाइन की शिफ्टिंग न होने पर डाल रहा है।

वहीं, जल संस्थान सीवर लाइन आदि की शिफ्टिंग न करने के लिए पेड़ों का कटान न किए जाने की बात कह रहा है। जब वन विभाग से पेड़ न काटे जाने का कारण पूछा गया तो उसका जवाब और भी दिलचस्प रहा। वन विभाग का कहना है कि पेड़ कटान की राशि किस विभाग को मिलेगी। अधिकारी यह नहीं तय कर पा रहे हैं कि राशि लोनिवि, राजस्व विभाग व नगर निगम में से किसे अदा की जानी है। लिहाजा, महकमों की बहानेबाजी में ईपीआइएल बाहर इंतजार की मुद्रा में बैठा है।


कार्य में हो रहे विलंब को लेकर ईपीआइएल के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक अजीत कुमार ने कहा कि आरओबी निर्माण का शुरुआती स्थल (भंडारीबाग की तरफ) यूटीलिटी शिफ्टिंग की दिशा में कुछ भी काम नहीं किया जा सका है। दूसरे छोर पर रेसकोर्स की तरफ जरूर सिंचाई विभाग ने कुछ हिस्से पर नहर को भूमिगत करने का काम शुरू किया है।

19 पेड़ों का किया जाना है कटान

यूटीलिटी शिफ्टिंग के लिए जिन पेड़ों का कटान किया जाना है, उनकी संख्या 19 है। ईपीआइएल के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक के मुताबिक जल्द लोनिवि, राजस्व विभाग व नगर निगम के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण कर तय करेंगे कि पेड़ किसी भूमि पर हैं और इसकी राशि किसे दी जानी है।


अभी पाइल टेस्टिंग तक सिमटा निर्माण

विभिन्न स्तर पर किए जा रहे विलंब के चलते ईपीआइएल अब तक सिर्फ ब्रिज के पिलर खड़े करने के लिए पाइल टेस्टिंग संबंधी कार्य ही कर पाया है। वहीं, आरओबी का निर्माण मार्च 2023 तक पूरा करना है और दो माह बाद भी मामला यूटीलिटी शिफ्टिंग पर अटका है।

आरओबी परियोजना पर एक नजर

लंबाई, करीब 550 मीटर


लागत, 47.15 करोड़ रुपये (यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित)

यूटिलिटी शिफ्टिंग, 4.53 करोड़ रुपये

कार्य पूरा करने का लक्ष्य, मार्च 2023


जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने बाताया कि आरओबी जैसी अहम परियोजना में हो रहे विलंब पर अधिकारियों से बात की जाएगी। जिस भी स्तर पर पेच फंस रहा है, उसके शीघ्र दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।


उत्‍तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों के 451 पदों पर भर्ती के आदेश

उत्‍तराखंड में प्राथमिक शिक्षकों के 451 पदों पर भर्ती के आदेश

प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त 451 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने का रास्ता साफ हो गया। अब दिव्यांगजनों के बैकलाग के पद भी भरे जाएंगे। शिक्षा सचिव डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने गुरुवार को इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को आदेश जारी किए।

हाईकोर्ट ने बीती 22 सितंबर को आदेश जारी कर प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। इससे पहले हाईकोर्ट ने बीती नौ सितंबर को अवमानना वाद में जिलों में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में दिव्यांगजनों के बैकलाग की पूर्ति करने के आदेश दिए थे।


दरअसल प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 2648 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर विभाग ने 451 रिक्त पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शिक्षा मंत्री को भेजा था। शिक्षा मंत्री से मंजूरी मिलने के बाद शासन ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए।

विधानसभा में हुआ योगाभ्यास

विधानसभा में प्रतिमाह होने वाले योग शिविर के अंतर्गत गुरुवार को विधानसभा कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के योगासन व प्राणायाम की क्रियाएं की। विधानसभा परिसर में आयोजित हुए कार्यक्रम में योगाचार्य सविता उपाध्याय ने कहा कि योग व्यक्ति के भीतर स्फूर्ति का संचार करता है। नियमित योग करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है।

 
उत्कृष्ट कोविड सेवा के लिए होंगे पुरस्कृत

उत्तराखंड राज्य के 21वें स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट कोविड-19 सेवा के लिए सरकारी कार्मिक, गैर सरकारी संगठन व अन्य नागरिक पुरस्कृत किए जाएंगे। मुख्य सचिव डा एसएस संधु ने इस संबंध में संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव डा संधु ने गुरुवार को सचिवालय में सभागार में राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर को होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में समीक्षा बैठक की। उन्होंने मुख्य कार्यक्रम के साथ ही प्रत्येक जिले में होने वाले कार्यक्रमों में कोविड-19 की गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों से उनसे संबंधित आयोजन की तैयारी को पूरा करने को कहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन में निभाए गए अनुकरणीय दायित्व व अन्य महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए पात्र व्यक्तियों को भी राज्य स्थापना दिवस पर सम्मानित किया जाना चाहिए। इस संबंध में विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय से कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा बनाने की हिदायत दी गई। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई, सचिव रंजीत सिन्हा, पंकज पांडेय, बीवीआरसी पुरुषोत्तम, हरबंस सिंह चुघ, पुलिस महानिरीक्षक एपी अंशुमन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन मौजूद थे।