टीका तो लगा पर पोर्टल पर नहीं किया गया सत्यापित, लोगों को परेशानी

टीका तो लगा पर पोर्टल पर नहीं किया गया सत्यापित, लोगों को परेशानी

पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों पर कर्मचारियों की लापरवाही भी भारी पडऩे लगी है। वैक्सीनेटर टीका लगा दे रही हैं लेकिन उसे पोर्टल पर सत्यापित नहीं किया जा रहा है, जिस वजह से टीका लगने के बाद भी पोर्टल उन्हें नाट वैक्सीनेटेड (टीका नहीं लगा) दिखा रहा है। इस वजह से उन्हें दूसरी डोज नहीं लग पा रही और टीकाकरण के बाद ही होने वाले उनके अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं।

राजेंद्र नगर निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव व उनकी पत्नी मंजू श्रीवास्तव ने छह अप्रैल को जिला महिला अस्पताल में कोविशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। प्रदीप के मोबाइल पर टीका लगने का मैसेज गया लेकिन मंजू के पास कोई मैसेज नहीं आया। पोर्टल पर जब उन्होंने चेक किया तो नाट वैक्सीनेटेड बता रहा था। इसके बाद उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1075 पर फोन कर शिकायत की। 18 मई को सीएमओ कार्यालय से उनके पास फोन गया। बताया गया कि इसे ठीक करा दिया जाएगा। लेकिन जब नहीं ठीक हुआ तो उन्होंने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य मंत्रालय से शिकायत की लेकिन कोई हल नहीं निकला। पांच जून को वह पुन: जिला महिला अस्पताल गए और सत्यापन करने वाले कर्मचारी को अपना कार्ड दिखाया। कर्मचारी ने माना कि चूकवश पोर्टल पर सत्यापन नहीं हो पाया था। उसने तत्काल सत्यापित कर दिया। छह अप्रैल को पहली डोज लगवा चुकी मंजू का टीकाकरण अब पांच जून को दिखा रहा है। अब उन्हें दूसरी डोज इस तारीख से 84 दिन बाद लगेगी। जबकि पहली डोज से 84 दिन 29 जून को ही हो रहा है।

विदेश जाने में आ सकती है बाधा

प्रदीप व मंजू को ङ्क्षसगापुर जाना है। हालांकि अभी हवाई जहाज की उड़ान शुरू नहीं हुई है। उनका कहना है कि पांच जून को पहली डोज का लगना दिखा रहा है तो दूसरी डोज 27 अगस्त के बाद ही लग पाएगी, उसके बाद ही भारत सरकार का प्रमाण पत्र मिलेगा। यदि इसके पहले हवाई जहाज की उड़ान शुरू भी हो गई तो हम लोग सिंगापुुुर नहीं जा पाएंगेे। 

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय का कहना है कि मानवीय भूल की वजह से इस तरह की समस्याएं आई हैं। पोर्टल पर बैक डेट में सत्यापन करने का विकल्प नहीं है। इस वजह से जिस दिन सत्यापित किया जा रहा है, उसी दिन पहली डोज का लगना शो कर रहा है। इसका समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।


पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) से मिली जानकारी के अनुसार क्रिटिकल केयर मेडिसिन के गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। उनके गुर्दे तीन दिन से ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू कर दी है। बुधवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने अस्पताल पहुंचकर कल्याण सिंह का हालचाल लिया। उमा भारती ने डॉक्टरों और परिवारीजन से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत भी की।

लखनऊ संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को देखने के लिए बुधवार को भाजपा नेता उमा भारती भी पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों से कल्याण सिंह की सेहत का हालचाल जाना। हालांकि इस दौरान कल्याण सिंह अचेत अवस्था में रहे। उमा भारती ने एसजीपीजीआइ के डॉक्टरों और पूर्व सीएम के परिवारजन से मुलाकात कर उनकी तबीयत के बारे में अपडेट लिया। डॉक्टरों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की हालत लगातार चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह का हाल लिया। उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।


पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की किडनी की कार्य शक्ति काफी कम हो गई है। इस कारण उनकी लगातार डायलिसिस की जा रही है। स्वास्थ्य स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह लाइफ सेविंग सपोर्ट सिस्टम पर हैं। वह लगातार डायलिसिस पर हैं। विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा उनके नैदानिक मापदंडों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। सीसीएम कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी उनके स्वास्थ्य से जुड़े तमाम पहलुओं पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को तीन जुलाई के देर रात लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने के बाद चार जुलाई की शाम संजय गांधी पीजीआइ में शिफ्ट किया गया। उनको पीजीआइ के सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) डिपार्टमेंट के आइसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है। कल्याण सिंह का हालचाल लेने के लिए लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके इलाज की लगातार निगरानी कर रहे हैं।