यूपी की बेटियों को मिलेगा पढ़ाई के साथ ये...

यूपी की बेटियों को मिलेगा पढ़ाई के साथ ये...

प्रदेश के जूनियर से लेकर सरकारी माध्यमिक कालेजों में पढ़ने वाली बेटियों को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी मिलेगा। कोरोना के विकट दौर में भी छात्राओं को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रशिक्षण के वीडियो भेजे जाते रहे हैं। अब उन्हें आफलाइन प्रशिक्षण के अलावा संबंधित सामग्री भी मुहैया कराने की तैयारी है। इस संबंध में जल्द ही आदेश निर्गत होगा। समग्र शिक्षा अभियान में मौजूदा शैक्षिक सत्र के लिए 7484 करोड़ का बजट मंजूर हुआ है। सूबे के 45 हजार से अधिक जूनियर हाईस्कूलों, 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों व 2272 सरकारी माध्यमिक स्कूलों की बेटियों को एक माह का लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिलाने की योजना है। केंद्र सरकार पांच हजार रुपये प्रति स्कूल का बजट दे रही है।

बेटियों को बेल्ट, स्टोल, जूते आदि को ही हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूलों की छिटपुट जरूरतों के लिए दी जाने वाली ग्रांट की श्रेणियों में बदलाव हुआ है। इस बार एक से 30 छात्र संख्या तक 10 हजार रुपये और 30 से 100 छात्र संख्या तक 25 हजार रुपये की ग्रांट मिलेगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद एससीईआरटी में स्वीकृत 45 पदों के सापेक्ष कुल 17 ही फैकल्टी हैं। वहीं डायटों में 1750 पदों के सापेक्ष 1153 फैकल्टी हैं। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने इधर बड़ी संख्या में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के रिक्त पदों के लिए चयन किया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रवक्ता व अन्य की स्थिति सुधारने पर जोर दिया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के कमलाकर पांडेय ने बताया कि स्कूलों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिए जाने के लिए जल्द आदेश जारी होने की उम्मीद है। बता दें कि सरकारी स्कूलों में खासकर लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने पर सरकार का पूरा जोर है।


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।