वाराणसी में लक्खा जनसभा को संबोधित करेंगे PM नरेन्‍द्र मोदी

वाराणसी में लक्खा जनसभा को संबोधित करेंगे PM नरेन्‍द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बनारस आ सकते हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। करीब तीन हजार करोड़ की योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास का खाका खींचा जा रहा है तो वहीं, एक लाख से अधिक की जनसभा आयोजित करने की तैयारी बनारस भाजपा की ओर से की जा रही है। इस कड़ी में मंगलवार को भाजपा के पदाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के अफसरों ने जनसभा के लिए कई स्थानों की तलाश की।

जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा को जनसभा स्थल फाइनल करने की जिम्मेदारी संगठन ने दी है। प्रशासनिक टीम भी जिला अध्यक्ष के साथ भ्रमण में थी। प्रधानमंत्री के संभावित सभा स्थल व रिंग रोड के उद्घाटन प्वाइंट को देखने पहुंचे। भाजपा के जिला अध्यक्ष व प्रशासनिक अधिकारी जिसका नेतृत्व एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह ने मुआयना किया। सबसे पहले टीम भड़वां-अनंतपुर गांव के पास पहुंची। रिंग रोड से सटे इस गांव में एक स्थल को देखा गया। हालांकि, जनसभा की भीड़ को देखते हुए उचित नहीं लगा। इसके बाद टीम रिंग रोड किनारे ऐढ़े गांव पहुंची जहां पर प्रवासी भारतीय सम्मेलन आयोजित किया गया था लेकिन यह स्थल भी मुफीद नहीं बताया गया। मौके पर मैदान में भारी मात्रा में जलजमाव मिला। इसे देखते हुए इस स्थान को कैंसिल कर दिया गया।


जिला अध्यक्ष के साथ टीम सीधे संदहा पहुंची लेकिन वहां पर जो स्थल जनसभा के लिए चयनित करना था वह छोटा नजर आया। आखिर में टीम सांसद आदर्श गांव परमपुर पहुंची। यहां पर बड़ा स्थल देख जनसभा के लिए मुफीद पाया गया। पार्किंग स्थल के लिए पर्याप्त स्थान पाया गया। जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि परमपुर को लिस्ट में सबसे ऊपर रखा गया है। हालांकि, अब तक किसी स्थल को फाइनल नहीं किया गया है। बताया कि परमपुर गांव ऐसे स्थान पर है जहां पर सेवापुरी, रोहनियां, शिवपुर की सीमाएं समीप हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र से भी यह गांव ज्यादा दूर नहीं है। जिला अध्यक्ष के साथ वरिष्ठ नेता सुरेंद्र पटेल, रामाश्रय राजभर, बुलंदे राजभर, राजेश राजभर, मनोज मिश्रा, जेपी पांडेय आदि मौजूद थे।


पीएमओ करेगा फाइनल : फिलहाल, जनसभा के लिए जो भी स्थल देखा जा रहा है उसे फाइनल पीएमओ यानी प्रधानमंत्री आफिस करेगा। जिला अध्यक्ष की ओर से पूरी रिपोर्ट बनाकर दिल्ली भेजी जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से मौके का मुआयना कराने के बाद सभा स्थल को फाइनल किया जाएगा।


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।