धर्म-संस्कृति की रक्षा व विकास के लिए आगे आएं सभी वर्ग के लोग : सीएम योगी

धर्म-संस्कृति की रक्षा व विकास के लिए आगे आएं सभी वर्ग के लोग : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म-संस्कृति की रक्षा व विकास के लिए सभी वर्ग के लोगों को आगे आना चाहिए। मंदिर हमारे धर्म-संस्कृति के संवाहक हैं, इसलिए इनका जितना विकास होगा, हमारी संस्कृति उतनी ही मजबूत होगी।

72 लाख रुपये से कराया गया कालीबाड़ी का सुंदरीकरण

मुख्यमंत्री ने बुधवार को सुंदरीकरण व सुदृढ़ीकरण के बाद कालीबाड़ी, रेती चौक का लोकार्पण किया। पर्यटन विकास की दृष्टि से इस मंदिर को 72 लाख रुपये से विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालीबाड़ी से मेरा 25-30 वर्षों से संबंध है। महंत रविंद्र दास ने काफी मेहनत कर इस मंदिर का विकास किया है। अन्य लोगों को भी मंदिरों के विकास के लिए आगे आना चाहिए। इसके पूर्व उन्होंने वहां स्थापित मां दुर्गा की आरती की और चुनरी चढ़ाई। मंदिर के अंदर हनुमान जी और मां भगवती का दर्शन व आरती करने के बाद उन्होंने गंगा नामक गाय का पूजन किया। उसे गुड़ खिलाया। इसके बाद वह पहले मंजिल पर बने सभागार में गए। वहां महंत रविंद्र दास व अन्य से बातचीत की।


कार्यक्रम में यह रहे मौजूद

इस अवसर पर थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी, दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष चंदन अग्रवाल व व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। संचालन आत्रेय शुक्ल ने किया। मंदिर के महंत रविंद्र दास ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, सांसद रविकिशन, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह आदि उपस्थित थे।


गूंजते रहे ठहाके

कार्यक्रम में महापौर सीताराम जायसवाल ने विधायक को भूलवश सांसद संबोधित कर दिया, हालांकि उन्होंने पुन: सुधार लिया लेकिन तब तक ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री भी मुस्कराए बिना नहीं रह सके। कार्यक्रम स्थल पर पोस्टर लगे थे, जिन पर लिखा था- गोरखपुर की एक ही आस, रविंद्र दास रविंद्र दास। इसका उल्लेख करते हुए सांसद रविकिशन ने कहा कि यह महराज जी की महिमा है। मुझे तो इस पोस्टर से डर लग रहा है। इस पर भी ठहाके गूंजे। पूरा माहौल खुशनुमा हो गया था।


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।