अब खेतानाथ आश्रम भी बनेगा जल्द घूमने लायक, प्रारम्भ हो रही है ये सुविधाएं 

अब खेतानाथ आश्रम भी बनेगा जल्द घूमने लायक, प्रारम्भ हो रही है ये सुविधाएं 

शहर में वर्षों से खेतानाथ आश्रम के पास बने पानी के बड़े जोहड़ में शहर का गंदा पानी इकट्ठा होता है लेकिन अब यहां गंदा पानी हटेगा। साथ ही साथ यहां बनी पुरानी छतरियों व जोहड़ को घूमने लायक जगह बनाने के लिए जिला कलेक्टर रवि जैन सक्रिय हो गए हैं।

झुंझुनूं शहर के खेतानाथ आश्रम के पास बने जोहड़ के अच्छे दिन आने वाले हैं। अब इस जोहड़ में शहर का गंदा पानी नहीं बल्कि गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर साफ पानी ही आएगा। जिला कलेक्टर रवि जैन ने 26 जनवरी से पहले पहले इस कार्य को करने के आदेश नगर परिषद को दिए हैं।  

साथ ही बोला है कि आरयूआईडीपी ने शहर के सीवरेज से आने वाले पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए आठ एमएलडी के दो एचटीपी बनाए हैं, जिनमें से एक बनकर तैयार है व दूसरा कंपलीट होने वाला है। इन एचटीपी का उपयोग अभी से प्रारम्भ करें। शहर का गंदा पानी जो नालों के द्वारा बीड़ में आ रहा है। अब उसका ट्रीटमेंट 26 जनवरी से पहले पहले चालू करें। उन्होंने इस मौके पर ना केवल खेतानाथ आश्रम के जोहड़े, बल्कि सोती गांव का भी दौरा किया व ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अब शहर का गंदा पानी उनके गांव तक नहीं आएगा।  

बोटिंग जैसी सुविधाएं प्रारम्भ की जा सकती हैं
जिला कलेक्टर रवि जैन ने बताया कि इस पानी का ट्रीटमेंट जल्द से जल्द प्रारम्भ कराने के पीछे एक कारण व भी है कि सरकार बीड़ में गांधी वन विकसित करना चाहती है। इसलिए यदि जोहड़ में साफ पानी आएगा तो यहां पर बोटिंग जैसी सुविधाएं प्रारम्भ की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त यह घूमने के लिए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। वहीं साफ पानी को गांधी वन के विकास में कार्य लिया जा सकता है। इसके बाद भी यदि पानी बचेगा तो पास के खेतों में किसान खेती के लिए कार्य ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास ट्रीटमेंट प्लांट तैयार है। इसलिए इसकी टेस्टिंग भी हो जाएगी व समस्या का भी निवारण होगा।

न जाने कब पूरा काम
झुंझुनूं शहर में सीवरेज का कार्य चल रहा है लेकिन इस सीवरेज का कार्य कब पूरा होगा। यह शायद ही कोई जानता हो हालांकि इसी वर्ष जून माह की डेडलाइन तय की गई है लेकिन जिस ढंग से कार्य हो रहा है व पिछला रिकॉर्ड देखें तो यह कार्य डेडलाइन पर शायद ही पूरा हो। यदि ट्रीटमेंट प्लांट चालू होते है तो कम से कम बीड़ में इकट्ठे होने वाले गंदे पानी से जरूर निजात मिलेगी।