मिशन ऑक्सीजन: सीएम योगी के आदेश पर यूपी के 75 जिलों के इतने हॉस्पिटल का चयन

मिशन ऑक्सीजन: सीएम योगी के आदेश पर यूपी के 75 जिलों के इतने हॉस्पिटल का चयन

लखनऊ ( Lucknow ) मिशन ऑक्सीजन ( Mission oxygen ) के अनुसार उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ( यूपी सीएम Yogi Adityanath ) के आदेश पर प्रदेश में 75 जिलों के 79 हॉस्पिटल ों ( hospital ) का चयन कर लिया गया है. इनमें से अधिकतर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से लगे हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं. इनमें से 15 स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन पाइपलाइन और जनरेटर की व्यवस्था लगभग मौजूद है और 16 स्थलों पर आंशिक रूप से व्यवस्था है.

प्रदेश की 30 आबकारी इकाइयों और 45 चीनी मिलों ने एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का चयन किया है. इसके लिए ऑक्सजीन जेनरेटर्स को एयरलिफ्ट कराने की भी तैयारी जोरों पर है. बता दें कि स्थापित किये जा रहे ऑक्सीजन जेनरेटर्स को उपयोग में लाये जाने के लिए चयनित हॉस्पिटल ों में डब्लूएचओ की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप ऑक्सीजन पाइपलाइन और न्यूनतम लगभग 42 किलोवाट क्षमता के जनरेटर के लोड की जरूरत होगी जिसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों को जानकारी विभाग की तरफ से मौजूद करा दी गई है.

अलग-अलग जिलों के इन स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेंगे जेनरेटर ऑक्सीजन प्लांट

बरेली, गोरखपुर, सीतापुर, शामली, कुशीनगर और अमरोहा जिलों में दो-दो हॉस्पिटल ों का चयन किया गया है. यहां ऑक्सीजन जेनरेटर्स की स्थापना की जा रही है. सहारनपुर जिले में सीएचसी ननौता में 50 बेड के लिए, बरेली में सीएचसी मीरगंज में 30 बेड के लिए, सीएचसी बहेड़ी में 30 बेड के लिए, बांदा में सीएचसी नारायनी 50 बेड के लिए, श्रावस्ती में सीएचसी लक्ष्मणपुर 50 बेड के लिए, उन्नाव में सीएचसी औरास 50 बेड के लिए, प्रयागराज में पीएचसी उरुवा 50 बेड के लिए, फतेहपुर में सीएचसी बिंदकी 50 बेड के लिए, प्रतापगढ़ में ट्रामा सेंटर रानीगंज 50 बेड के लिए, कौशाम्बी सीएचसी मंझनपुर 50 बेड के लिए, चित्रकूट में सीएचसी मानिकपुर 50 बेड के लिए, अलीगढ़ में सीएचसी अतरौली 150 बेड के लिए, एटा में सीएचसी बगवाला 70 बेड के लिए, हाथरस में सीएचसी मुरसान 30 बेड के लिए, कासगंज में सीएचसी गंजडुण्डवाडा30 बेड के लिए, बदायूं में सीएचसी घाटपुरी 50 बेड के लिए, महोबा में जिला हॉस्पिटल 50 बेड के लिए, बलिया में सीएचसी सिआर30 बेड का चयन किया गया है.

इसी तरह से सीतापुर में सीएचसी खैराबाद 50 बेड, सीएचसी महमूदाबाद 30 बेड, बाराबंकी में जिला हॉस्पिटल सिरौली गौसपुर 35 बेड, कानपुर देहात में सीएचसी पुखरायां 30 बेड, भदोही में ट्रामा सेंटर औराई 35 बेड, बहराइच में सीएचसी कैसरगंज 40 बेड, बागपत में सीएचसी सरुरपुर 50 बेड, जौनपुर में सीएचसी सथरिया 50 बेड, मथुरा में सीएचसी सोनाई 50 बेड, शामली में जिला हॉस्पिटल शामली 100 और थाना भवन 30 बेड, अयोध्या में सीएचसी मसौधा 50 बेड, हापुड़ में जिला हॉस्पिटल 100 बेड, हरदोई में जिला हॉस्पिटल 50 बेड, बलरामपुर में जिला संयुक्त हॉस्पिटल 100 बेड, देवरिया में सीएचसी पिपरा धौलाकदम 50 बेड, गोरखपुर में सीएचसी, चौरी चौरा 50 बेड, सीएचसी हरनई 50 बेड, बस्ती में सीएचसी महिला हॉस्पिटल हरैया 100 बेड, रामपुर में सीएचसी बिलासपुर 30 बेड, मैनपुरी सीएचसी भोगांव 40 बेड, महाराजगंज में सीएचसी घुगली 50, मुरादाबाद सीएचसी कुंदुरकी 35 बेड, अमरोहा सीएचसी गजरौला 30 बेड और जोया सीएचसी 35 बेड का चयन किया गया है.

बिजनौर में सीएचसी स्योहारा 30 बेड, रायबरेली में सीएचसी रोहनिया 60 बेड, लखीमपुर सीएचसी गोला 40 बेड, आगरा में सीएचसी बरौली अहिर30 बेड, फिरोजाबाद सीएचसी जसराना 25 बेड, आजमगढ़ में सीएचसी लाटघाट 30 बेड, मऊ में सीएचसी परदाहा 20 बेड, फर्रुखाबाद में सीएचसी मोहम्दाबाद 30 बेड, कन्नौज में सीएचसी सौरिख 30 बेड, औरैया में सीएचसी दिबियापुर 50 बेड, कुशीनगर में सीएचसी सपाहा 30 बेड और सीएचसी सेवरही 30 बेड, हमीरपुर में सीएचसी कुरारा 75 बेड, झांसी में सीएचसी बड़गांव 100 बेड, जालौन में सीएचसी कोंच-40 बेड, ललितपुर में सीएचसी तालबेहट 30 बेड, गोंडा में सीएचसी काजी देवर 30 बेड, अंबेडकरनगर में सीएचसी जलालपुर 30 बेड, सुलतानपुर में सीएचसी कुदवार30 बेड का चयन किया गया है.

इसी तरह से अमेठी में सीएचसी फुर्सतगंज 25 बेड, पीलीभीत में सीएचसी भदौरा टांडा 100 बेड, शाहजहांपुर में सीएचसी जलालाबाद 60 बेड, सिद्धार्थनगर में सीएचसी बीरदपुर 30 बेड, संतकबीर नगर में सीएचसी धनघटा हैसरबाजार 30 बेड, मिर्जापुर में सीएचसी विंध्याचल 30 बेड, सोनभद्र में सीएचसी मधुपुर 30 बेड, संभल में सीएचसी असमौली 30 बेड, मेरठ में सीएचसी दौराला 30 बेड, बुलंदशहर में सीएचसी खुर्जा 90 बेड, चंदौली में सीएचसी भोगवारा 50 बेड, गाजीपुर में सीएचसी भदौरा 30 बेड, मुजफ्फरनगर में सीएचसी बुढ़ाना 30 बेड, इटावा में सीएचसी जसवंतनगर 30 बेड, कानपुर नगर में सीएचसी बिल्हौर 30 बेड, वाराणसी में सीएचसी चिरईगांव नरपतपुर 30 बेड, लखनऊ सीएचसी गोसाईगंज 30 बेड का चयन किया गया है.


जयमाल स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन के बीच में आया न्यूज पेपर, टूट गई शादी और बैरंग लौटी बरात

जयमाल स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन के बीच में आया न्यूज पेपर, टूट गई शादी और बैरंग लौटी बरात

 जिस तरह एक दूल्हा अपनी होने वाली जीवनसंगिनी से कुछ अपेक्षाएं रखता है ठीक उसी तरह एक दुल्हन भी अपने होने वाले पति में कुछ योग्यताओं की तलाश करती है। आधुनिक समय में जैसे-जैसे दुनिया उन्नति के नए आयामों की ओर अग्रसर है वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो कि सामान्य सी चीजें भी नहीं जानते, भले ही वह चीज उनकी दिनचर्या का हिस्सा क्यों न हो। यह सब हम इसलिए कह रहे क्योंकि जनपद में इसकी एक बानगी देखने को मिली। दरअसल, जिले की एक शादी की खुशियां उस वक्त सन्नाटे में तब्दील हो गईं जब दुल्हन ने होने वाले पति की परीक्षा लेनी शुरू की।

यह है पूरा मामला: सोमवार को जमालीपुर गांव की युवती की शादी अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम महाराजपुर निवासी युवक के साथ होनी थी। बेटी की शादी धूमधाम से करने के लिए पिता तैयारियों में जुटे हुए थे। बरात आने के बाद द्वारचार की रस्म अदायगी की गई। इसके बाद वरमाला पड़ने का समय आया, तो लड़की पक्ष के लोगों को दूल्हे की आंखों की नजर काफी कमजोर होने का शक हुआ, तभी हाथों में मेहंदी लगाए और श्रृंगार किए खड़ी दुल्हन ने अखबार मंगवा लिया। जब दूल्हे ने अखबार पढ़ने में असमर्थता व्यक्त की तो सभी लोग हतप्रभ रह गए। 

दूल्हे की कमी को छिपाने पर हुआ हंगामा: शादी के सपने संजोए जयमाल के स्टेज पर खड़ा दूल्हा कुछ कह पाता इससे पहने वधू पक्ष के लोग उस पर टूट पड़े। दुल्हन और उसके घर वालों ने इस दौरान दूल्हे के घर वालों को जमकर फटकार लगाई और कहा- दूल्हे की इस कमी के बारे में आपको पहले बताना चाहिए था न तो हम ये शादी तय ही न होने देते। हालांकि इसके बाद मंगलवार सुबह तक दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास चलता रहा, लेकिन वर पक्ष के सभी प्रयास विफल रहे। 

धोखाधड़ी की दी तहरीर: लड़की वालों ने मामले को बढ़ावा देते हुए कोतवाली में धोखाधड़ी कर शादी करवाए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 

महोबा में भी सामने आ चुका ऐसा ही मामला: जिले के पनवाड़ी कस्बा के एक गेस्ट हाउस में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां दूल्हे के हावभाव और बातचीत देखकर जब दुल्हन को शक हुआ तो उसने अचानक एक शर्त रखी कि पहले दो का पहाड़ा सुनाओ तभी जयमाल डालूंगी, लेकिन दूल्हा इस टेस्ट में फेल हो गया था। इसके बाद शादी भी टूट गई थी और बरात भी लौट गई थी। 


दुल्हन ने किया शादी से इन्कार: अपने होने वाले जीवनसाथी की को अखबार की हेडिंग भी न पढ़ पाने की स्थिति में देख दुल्हन को काफी निराशा हुई और उसने विवाह से इन्कार कर दिया।