शिक्षकों के वेतन निर्गत में लापरवाही करने के कारण बीएसए गाजीपुर और लेखाधिकारी गाजीपुर के खिलाफ कार्यवाही करने के दिये निर्देश

शिक्षकों के वेतन निर्गत में लापरवाही करने के कारण बीएसए गाजीपुर और लेखाधिकारी गाजीपुर के खिलाफ कार्यवाही करने के दिये निर्देश

लखनऊ: प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने’ आज बेसिक शिक्षा विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में वाराणसी, विंध्याचल और प्रयागराज मंडल के मंडलीय सहायक निदेशक एवं 11 जनपदों के डायट प्राचार्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की वर्चुअल मीटिंग की। उन्होंने बताया कि मंडलवार बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान आज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गाजीपुर और लेखाधिकारी गाजीपुर द्वारा शिक्षकों के वेतन निर्गत करने में लापरवाही करने के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्राप्त शिक्षकों के अंतिम भुगतान प्रमाण पत्र (स्च्ब्) भेजने में देरी करने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी। मृतक शिक्षकों एवं कर्मचारियों के देयकों के तत्काल भुगतान का निर्देश दिया।

डा0 द्विवेदी ने 69 हजार भर्ती के अंतर्गत नवनियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्र के सत्यापन और वेतन भुगतान की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिये है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन, जीपीएफ और बीमा के अविलंब भुगतान का निर्देश दिया है। जांच के उपरांत फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर और रिकवरी की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन कायाकल्प में पुनः तेजी लाने का निर्देश दिये है।

मंत्री डा0 द्विवेदी ने यह भी निर्देश दिया कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड से संबंधित किसी भी कार्यों में गर्भवती महिला शिक्षकों या ऐसी शिक्षिकाएं जिनके छोटे बच्चे हैं तथा बीमार शिक्षकों की ड्यूटी ना लगाई जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा श्रीमती रेणुका कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्री विजय किरण आनंद, निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद श्री प्रताप सिंह बघेल, मंडलीय सहायक निदेशक वाराणसी, विंध्याचल और प्रयागराज तथा इन मंडलो के अंतर्गत आने वाले जनपदों के डायट प्राचार्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
संपर्क सूत्र:-सूचना अधिकारी - सतीश भारती


जयमाल स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन के बीच में आया न्यूज पेपर, टूट गई शादी और बैरंग लौटी बरात

जयमाल स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन के बीच में आया न्यूज पेपर, टूट गई शादी और बैरंग लौटी बरात

 जिस तरह एक दूल्हा अपनी होने वाली जीवनसंगिनी से कुछ अपेक्षाएं रखता है ठीक उसी तरह एक दुल्हन भी अपने होने वाले पति में कुछ योग्यताओं की तलाश करती है। आधुनिक समय में जैसे-जैसे दुनिया उन्नति के नए आयामों की ओर अग्रसर है वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो कि सामान्य सी चीजें भी नहीं जानते, भले ही वह चीज उनकी दिनचर्या का हिस्सा क्यों न हो। यह सब हम इसलिए कह रहे क्योंकि जनपद में इसकी एक बानगी देखने को मिली। दरअसल, जिले की एक शादी की खुशियां उस वक्त सन्नाटे में तब्दील हो गईं जब दुल्हन ने होने वाले पति की परीक्षा लेनी शुरू की।

यह है पूरा मामला: सोमवार को जमालीपुर गांव की युवती की शादी अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम महाराजपुर निवासी युवक के साथ होनी थी। बेटी की शादी धूमधाम से करने के लिए पिता तैयारियों में जुटे हुए थे। बरात आने के बाद द्वारचार की रस्म अदायगी की गई। इसके बाद वरमाला पड़ने का समय आया, तो लड़की पक्ष के लोगों को दूल्हे की आंखों की नजर काफी कमजोर होने का शक हुआ, तभी हाथों में मेहंदी लगाए और श्रृंगार किए खड़ी दुल्हन ने अखबार मंगवा लिया। जब दूल्हे ने अखबार पढ़ने में असमर्थता व्यक्त की तो सभी लोग हतप्रभ रह गए। 

दूल्हे की कमी को छिपाने पर हुआ हंगामा: शादी के सपने संजोए जयमाल के स्टेज पर खड़ा दूल्हा कुछ कह पाता इससे पहने वधू पक्ष के लोग उस पर टूट पड़े। दुल्हन और उसके घर वालों ने इस दौरान दूल्हे के घर वालों को जमकर फटकार लगाई और कहा- दूल्हे की इस कमी के बारे में आपको पहले बताना चाहिए था न तो हम ये शादी तय ही न होने देते। हालांकि इसके बाद मंगलवार सुबह तक दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास चलता रहा, लेकिन वर पक्ष के सभी प्रयास विफल रहे। 

धोखाधड़ी की दी तहरीर: लड़की वालों ने मामले को बढ़ावा देते हुए कोतवाली में धोखाधड़ी कर शादी करवाए जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि मामले की तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 

महोबा में भी सामने आ चुका ऐसा ही मामला: जिले के पनवाड़ी कस्बा के एक गेस्ट हाउस में ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां दूल्हे के हावभाव और बातचीत देखकर जब दुल्हन को शक हुआ तो उसने अचानक एक शर्त रखी कि पहले दो का पहाड़ा सुनाओ तभी जयमाल डालूंगी, लेकिन दूल्हा इस टेस्ट में फेल हो गया था। इसके बाद शादी भी टूट गई थी और बरात भी लौट गई थी। 


दुल्हन ने किया शादी से इन्कार: अपने होने वाले जीवनसाथी की को अखबार की हेडिंग भी न पढ़ पाने की स्थिति में देख दुल्हन को काफी निराशा हुई और उसने विवाह से इन्कार कर दिया।