कोरोना ने मचाया इस जिले में प्रकोप, आए इतने मामले…

कोरोना ने मचाया इस जिले में प्रकोप, आए इतने मामले…

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। अकेले मेरठ में ही रोजाना करीब 200 नए मरीजों ने स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के भी हाथ पांव फूला दिए हैं। प्रशासन भी हैरान है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 1440 बेड हैं, जबकि शुक्रवार को 21 पुलिसकर्मियों समेत 222 मरीज मिलने के साथ ही सक्रिय मरीजों की संख्या 1425 तक पहुंच चुकी है। आज मिले मरीजों में 87 महिलाएं शामिल हैं। अगर होम आइसोलेशन के 365 मरीजों को छोड़ दें तो भी करीब एक हजार बेड भर चुके हैं।

जिले में जारी कोरोना का कहर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को दो महिला समेत तीन मरीजों की मौत भी हो गई। मेरठ में मरने वालों क आंकड़ा अब 145 पर पहुंच गया है। सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि शुक्रवार को 222 मरीज मिले हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नए संक्रमितों में 21 पुलिसकर्मी शामिल हैं। बड़ी संख्या में मरीजों को कोविड केंद्रों पर भर्ती कराया गया है। हालांकि शुक्रवार को 131 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज कर दिए गए।स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन के साथ आपात बैठक कर चार सौ अतिरिक्त बेडों का बंदोबस्त करने की रूपरेखा बनाया है।

श्रीराम आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, महावीर आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, शोभित विवि और पांचली जैसे केंद्रों को फिर से संचालित किया जाएगा। अब तक 5745 मरीज मिल चुके हैं। जिसमें से डिस्चार्ज हो चुके मरीजों की संख्या 4175 तक पहुंच गई है। उधर, माता का बाग,बागपत गेट, जाहिदपुर, और सरसवती लोक के एक-एक मरीज की मौत हो गई। इसमें 49 व 35 साल की दो महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि एक 40 वर्षीय शिक्षक है। आज पल्हैड़ा,शास्त्रीनगर,रोशनपुर डोरली, कैलाशपुरी, जागृति विहार,पल्लवपुरम,गोकुल विहार,रोहटा रोड,सोमदत्त विहार,परतापुर,थापरनगर आदि इलाकों में कोरोना क नए मरीज मिले हैं।

मेरठ में शुक्रवार को कोरोना से एक अध्यापक की मौत हुई है। वे आयोग द्वारा राष्ट्रीय इंटर कॉलेज लावड़ में अध्यापक नियुक्त हुए थे। लेकिन 2014 में स्थानांतरण लेकर सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर में अध्यापक का कार्य भार संभाला था। वे पिछले 15 दिनों से सर्दी जुखाम से बीमार थे। सोमवार को परिजनों ने उनका कोरोना टेस्ट कराया तो वह कोरोना से संक्रमित पाए गए। उन्हें सुभारती मेडिकल में भर्ती कराया गया।

वे सरस्वती लोक में परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं। वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है। कोरोना से मौत होने के बाद शिक्षक का सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमित शिक्षक सुभारती में भर्ती थे। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।