सीएम योगी ने गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या के 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को लिया गोद

सीएम योगी ने गोरखपुर, वाराणसी और अयोध्या के 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को लिया गोद

कोरोना वायरस संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए उत्तर प्रदेश में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पतालों में न सिर्फ संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं, बल्कि दक्ष मानव संसाधन की व्यवस्था भी की जा रही है। सभी सांसद व विधायक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को गोद लेकर उसे चमकाने में जुटे हुए हैं और अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश की चार सीएचसी गोद लेकर सीधा संदेश दिया है कि कोरोना से बच्चों व बड़ों को बचाने के लिए हर हाल में बेहतर इंतजाम किए जाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के सीएचसी जंगल कौड़िया व सीएचसी चरगांवा, वाराणसी के सीएचसी हाथी बाजार व अयोध्या में मसौधा स्थित सीएचसी को गोद लिया है। इन चारों सीएचसी को शासन की ओर से पत्र भेजकर वहां मौजूदा संसाधनों की सूची मांगी गई है। यहां आक्सीजन की व्यवस्था होगी और कोरोना के इलाज के बेहतर इंतजाम किए जाएंगे।


दो दर्जन जिलों में कोरोना के 100 से कम रोगी : प्रदेश में 24 जिलों में अब कोरोना के 100 से कम मरीज रह गए हैं। वहीं इसमें 10 जिले ऐसे हैं, जहां अब 50 से भी कम मरीज हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से घट रहा है। पिछले 24 घंटे में 2.84 लाख लोगों की कोरोना जांच की गई तो उसमें से 797 लोग संक्रमित पाए गए। अब पाजिटिविटी रेट घटकर 0.2 प्रतिशत रह गया है।

सक्रिय केस घटकर 14,067 : अब तक कुल 16.99 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें 16.64 लाख मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट बढ़कर 97.9 फीसद हो गया है। मंगलवार को कोरोना से 94 और रोगियों की मौत हुई। अब तक कुल 21,425 लोगों की जान यह खतरनाक वायरस ले चुका है। अब सक्रिय केस घटकर 14,067 रह गए हैं। यूपी में जिन 10 जिलों में 50 से कम मरीज हैं, उनमें कौशांबी, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात, कासगंज, फतेहपुर, कन्नौज, बांदा और श्रावस्ती शामिल हैं।


पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) से मिली जानकारी के अनुसार क्रिटिकल केयर मेडिसिन के गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। उनके गुर्दे तीन दिन से ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू कर दी है। बुधवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने अस्पताल पहुंचकर कल्याण सिंह का हालचाल लिया। उमा भारती ने डॉक्टरों और परिवारीजन से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत भी की।

लखनऊ संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को देखने के लिए बुधवार को भाजपा नेता उमा भारती भी पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों से कल्याण सिंह की सेहत का हालचाल जाना। हालांकि इस दौरान कल्याण सिंह अचेत अवस्था में रहे। उमा भारती ने एसजीपीजीआइ के डॉक्टरों और पूर्व सीएम के परिवारजन से मुलाकात कर उनकी तबीयत के बारे में अपडेट लिया। डॉक्टरों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की हालत लगातार चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह का हाल लिया। उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।


पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की किडनी की कार्य शक्ति काफी कम हो गई है। इस कारण उनकी लगातार डायलिसिस की जा रही है। स्वास्थ्य स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह लाइफ सेविंग सपोर्ट सिस्टम पर हैं। वह लगातार डायलिसिस पर हैं। विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा उनके नैदानिक मापदंडों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। सीसीएम कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी उनके स्वास्थ्य से जुड़े तमाम पहलुओं पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को तीन जुलाई के देर रात लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने के बाद चार जुलाई की शाम संजय गांधी पीजीआइ में शिफ्ट किया गया। उनको पीजीआइ के सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) डिपार्टमेंट के आइसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है। कल्याण सिंह का हालचाल लेने के लिए लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके इलाज की लगातार निगरानी कर रहे हैं।