महानवमी पर रामनवमी की बधाई देने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर BJP का तंज

महानवमी पर रामनवमी की बधाई देने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर BJP का तंज

शारदीय नवरात्र में गुरुवार को महानवमी पर्व पर बधाई देना समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को काफी भारी पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दरअसल गुरुवार को महानवमी पर रामनवमी की बधाई का ट्वीट कर दिया। अखिलेश यादव के साथ ही कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने भी आज रामनवमी की बधाई दी है। बेहद ट्रोल होने के बाद अखिलेश यादव के साथ आनंद शर्मा ने बाद में संशोधित ट्वीट किया। दोनों नेताओं के ज्ञान पर भाजपा के नेताओं ने उनके ऊपर जोरदार तंज कसा।

रामनवमी या महानवमी की बधाई पर गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के एक ट्वीट पर बवाल मचा हुआ है। इन दोनों नेताओं ने आज महानवमी पर लोगों को रामनवमी की बधाई दे दी। अखिलेश यादव तथा आनंद शर्मा ने गलती का अहसास होने तक फिर संशोधित ट्वीट किया। इतने समय में तो भाजपा के नेताओं ने इन दोनों पर जोरदार तंज कसा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज ट्वीट करके कहा कि आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएं। अखिलेश ने जैसे ही ट्वीट किया, वैसे ही लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसके थोड़ी देर बाद अखिलेश ने ट्वीट को हटाकर नया ट्वीट किया- आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएं।


अखिलेश यादव के महानवमी पर रामनवमी की बधाई देने के ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तथा पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसा। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा-हे राम, अपने आप को हिन्दू कहने वाले इन लोगों को रामनवमी और महानवमी में फर्क ही नहीं पता। भगवान राम इन्हें सद्बुद्धि दें।

अखिलेश यादव के ट्वीट पर भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाइ ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा यूपी हैंडल से ट्वीट किया गया- जिस अखिलेश यादव को यह तक नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है, वो राम और परशुराम की बात करते हैं। जनता को मत पहनाइए टोपी, वह आप पर ज्यादा अच्छी लगती है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि रामनवमी पर्व चैत्र मास में मनाया जाता है, शारदीय नवरात्रों में महानवमी होती है, जो मां दुर्गा की आराधना का दिन है, इसके बाद दशहरा, यानी जिस दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं, आता है। उन्होंने कहा कि यही होता है जब कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं। 


अखिलेश यादव के करेक्शन करने के बाद भी यूजर्स उनके पुराने पोस्ट का स्क्रीनशॉट उनके कमेंट में ही भेजते रहे। एक ने लिखा, 'पहिलका काहे मिटा दिए सुल्तान। एक और ने लिखा, 'वोट बैंक के खातिर मंदिरों के चक्कर लगाने की जगह हिंदु धर्म और रीति रिवाजों के बारे में अच्छे से जानकारी हासिल की होती तो शायद ऐसी गलत न करते अखिलेश यादव जी।

आनंद शर्मा ने काफी देर बात हटाया ट्वीट

अखिलेश यादव ने तत्काल रामनवमी की मंगलकामनाएं वाला ट्वीट हटा लिया है, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने काफी देर बात अपना ट्वीट हटाया।

आनंद शर्मा ने ट्वीट किया रामनवमी के शुभअवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। 


गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

गढ़मुक्तेश्वर मेला को योगी सरकार की अनुमति, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस पर लगभग अंकुश लगा चुके सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना कर्फ्यू पूरी तरह से हटाने के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। खुले मैदान में अब किसी तरह के आयोजन की कोई पाबंदी नहीं है। कार्तिक मास में दीपावली के बाद गढ़मुक्तेश्वर में करीब 15 दिन तक मेला लगता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगने वाले एक बड़े मेले के आयोजन को अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने हापुड़ में लगने वाले गढ़मुक्तेश्वर मेले के आयोजन को अनुमति दी है। इसके साथ ही निर्देश भी दिया है कि वहां पर सभी स्थान पर कोविड प्रोटोकॉल के साथ भव्य रूप से मेले का आयोजन हो।


अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कार्तिक मास में बीते दो वर्ष से प्रदेश के हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के खादर में लगने वाला कार्तिक मेला स्थगित था। इस बार मुख्यमंत्री योगी ने ऐतिहासिक मेले के आयोजन के लिए निर्णय लिया है। मेले के आयोजन को लेकर अब शासनादेश जारी हो गया है। ऐसे में इस बाद दिवगंत परिजनों के दीपदान के लिए लोग खादर में पहुंच सकते हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखे जाने व कोविड नियमों के तहत सभी पर्व एवं त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं।


हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए दीपदान करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 के साथ बुधवार को समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के सभी जिलों में कन्टेंमेंट जोन के बाहर रात का कर्फ्यू समाप्त करने का आदेश दिया था। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन की शर्त के अनुसार रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू करने के आदेश थे।