बसपा चीफ मायावती ने पार्टी में बगावत से किया इनकार, बोलीं...

बसपा चीफ मायावती ने पार्टी में बगावत से किया इनकार, बोलीं...

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने पार्टी में टूट को नकारते हुए कहा कि घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी मीडिया के सहारे यह प्रचारित कर रही है कि बहुजन समाज पार्टी के कुछ विधायक टूट कर समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं। मायावती ने इसे घोर छलावा बताते हुए कहा कि इन विधायकों को काफी पहले ही सपा और एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलंबित किया जा चुका है।

बसपा चीफ मायावती ने बुधवार को लगाता पांच ट्वीट कर सपा को आड़े हाथ लेते हुए कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि सपा अगर इन निलंबित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती। क्योंकि उनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं।


2. जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आराप में बीएसपी से निलम्बित किया जा चुका है। 2/5


बसपा अध्यक्ष मायावती ने आगे कहा कि जगजाहिर है कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा ही दलित विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं हैं। इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बंद किया। खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला गया था, जो अति निंदनीय कदम था। 

बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने आखिरी ट्वीट में फिर दोहराया कि बीएसपी के निलंबित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए मंगलवार को किया गया सपा का नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है। यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा।

मंगलवार को बसपा में बगावत से सूबे का सियासी माहौल एकाएक गर्मा गया है। बसपा से निलंबित 11 विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए लालजी वर्मा के नेतृत्‍व में एक अलग दल बनाने का फैसला कर लिया है। पांच बागी विधायकों ने कल लखनऊ में सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। बसपा में कुल 18 विधायकों में से नौ को पार्टी ने निलंबित और दो को निष्काषित कर दिया गया है।


मंगलवार को विक्रमादित्य स्थित सपा कार्यालय पर अखिलेश यादव से मिलने गए विधायकों की अगुआई श्रावस्ती के विधायक असलम राईनी ने की। उन्‍होंने दावा किया कि जल्द ही वे बसपा से हाल ही में निष्कासित किए गए लालजी वर्मा के नेतृत्व में नया दल बनाएंगे। उनके साथ पार्टी के 11 विधायक हैं। अगर ऐसा हुआ तो बसपा का टूटना तय माना जा रहा है।


पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) से मिली जानकारी के अनुसार क्रिटिकल केयर मेडिसिन के गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। उनके गुर्दे तीन दिन से ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू कर दी है। बुधवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने अस्पताल पहुंचकर कल्याण सिंह का हालचाल लिया। उमा भारती ने डॉक्टरों और परिवारीजन से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत भी की।

लखनऊ संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को देखने के लिए बुधवार को भाजपा नेता उमा भारती भी पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों से कल्याण सिंह की सेहत का हालचाल जाना। हालांकि इस दौरान कल्याण सिंह अचेत अवस्था में रहे। उमा भारती ने एसजीपीजीआइ के डॉक्टरों और पूर्व सीएम के परिवारजन से मुलाकात कर उनकी तबीयत के बारे में अपडेट लिया। डॉक्टरों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की हालत लगातार चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह का हाल लिया। उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।


पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की किडनी की कार्य शक्ति काफी कम हो गई है। इस कारण उनकी लगातार डायलिसिस की जा रही है। स्वास्थ्य स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह लाइफ सेविंग सपोर्ट सिस्टम पर हैं। वह लगातार डायलिसिस पर हैं। विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा उनके नैदानिक मापदंडों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। सीसीएम कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी उनके स्वास्थ्य से जुड़े तमाम पहलुओं पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को तीन जुलाई के देर रात लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने के बाद चार जुलाई की शाम संजय गांधी पीजीआइ में शिफ्ट किया गया। उनको पीजीआइ के सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) डिपार्टमेंट के आइसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है। कल्याण सिंह का हालचाल लेने के लिए लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके इलाज की लगातार निगरानी कर रहे हैं।