अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि-अध्यादेशों के ज़रिये किसानों को बड़े व्यापारियों का मोहताज बनाना चाहती है बीजेपी

अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि-अध्यादेशों के ज़रिये किसानों को बड़े व्यापारियों का मोहताज बनाना चाहती है बीजेपी

लखनऊ: संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से प्रारम्भ होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा. इस सत्र में कृषि के तीनों अध्यादेशों पर चर्चा होगी. बीजेपी को छोड़ तमाम पार्टियां इन तीनों अध्यादेशों के विरूद्ध में हैं. समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इन अध्यादेशों के विरूद्ध बिगुल बजाया है व कहाकि, बीजेपी सरकार 2014 से ही किसान विरोधी रही है.

केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को नरेन्द्र मोदी सरकार को आईना दिखाते हुए ट्विट किया कि, बीजेपी सरकार 2014 से ही किसान विरोधी रही है, ‘भूमि अधिग्रहण’ के कुप्रयास के बाद अब बीजेपी कृषि-अध्यादेशों के ज़रिये किसानों को बड़े व्यापारियों का मोहताज बनाना चाहती है. बीजेपी इन अध्यादेशों को ‘किसानों की आज़ादी’ के जुमले का नाम देकर किसानों को अधीन बनाना चाहती है.

केंद्र ने तीन अध्यादेशों कृषि उत्पाद, व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश, मूल्‍य आश्‍वासन व कृषि सेवा पर किसान समझौता (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) अध्यादेश व आवश्यक चीज (संशोधन) अध्यादेश हैं. जिस पर कई पार्टियां व किसान संगठन नाराज हैं.