उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में 215 लगे उद्योग, एक लाख से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में 215 लगे उद्योग, एक लाख से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के औद्योगिक नीतियों में किए गए बदलाव का असर अब दिखने लगा है। इन नीतियों से प्रभावित होकर ही राज्य में पैसा लगाने को लेकर बड़े निवेशकों की हिचक दूर हुई और देश तथा विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपति राज्य में अपने उद्यमों को स्थापित करने के लिए आगे आएं। जिसका यह परिणाम है कि अब नोयडा सहित राज्य के 46 जिलों में बड़े उद्योगपतियों ने अपने 215 उद्यम स्थापित कर उनमें उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इन 46 जिलों में स्थापित किए गए 215 उद्यमों में 1,32,951 लोगों को रोजगार मिला है, जबकि कुल 51,710.14 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके अलावा अब चंद महीनों में ही 37698.63 करोड़ रुपये का निवेश करके स्थापित किए जा रहे 132 उद्यमों में भी उत्पादन शुरू हो जाएगा। इन 132 उद्यमों में 2,16,236  लोगों को रोजगार मिलेगा।


उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब महज साढ़े तीन साल में देश तथा विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपति 89,408.82 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं। जिसमें से सूबे के 46 जिलों में 51,710.14 करोड़ रुपये के हुए निवेश का रिजल्ट भी मिलने लगा है। इन 46 जिलों में उद्योगपतियों के स्थापित किए गए उद्यम (फैक्ट्री) में उत्पादन शुरू हो गया है। सूबे के औद्योगिक विकास विभाग में कार्यरत अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। सभी को पता है कि  सूबे की सत्ता संभालने के तत्काल बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया था। जिसके तहत उन्होंने फरवरी 2018 में एक भव्य इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया। इस आयोजन में देश के सभी प्रमुख औद्योगिक घरानों के मुखिया आए।

इस इन्वेस्टर्स समिट में बड़े उद्योगपतियों ने यूपी में निवेश करने में रुचि दिखाते हुए 4.28 लाख करोड़ रुपये के 1045 निवेश प्रस्ताव सरकार को सौपे थे। उद्योगपतियों के यह निवेश प्रस्ताव राज्य में लगे, इसके लिए मुख्यमंत्री ने करीब दर्जन भर अलग-अलग विभागों की नीतियां बनवाईं। इसके अलावा प्रदेश में लॉ एंड आर्डर और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर काम किया। यहीं नहीं विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड 186 सुधारों को लागू किया गया। राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का ही यह असर है कि महज साढ़े तीन वर्षों के भीतर ही प्रदेश में बड़े उद्योगपतियों ने 215 उद्यमों में 51710.14 करोड़ रुपये का निवेश कर उत्पादन शुरू कर दिया है। इन उद्यमों में 1,32,951 लोगों को रोजगार मिला है।


औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन 215 उद्यमों में उत्पादन शुरू हुआ है, वह सूबे के 46 जिलों में स्थापित किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 38 उद्यम गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में स्थापित किए गए हैं। जबकि लखनऊ में 20, गाजियाबाद में 14, मेरठ में 10, बाराबंकी में 9, कानपुर में 8, गोरखपुर तथा वाराणसी में 7-7, पीलीभीत, बदायूं  तथा हरदोई में 6-6, झांसी में 5, बस्ती, एटा, शाहजहांपुर, बिजनौर, बहराइच, संभल में 4-4, तथा कानपुर देहात, उन्नाव, अलीगढ़, हाथरस, सीतापुर, मैनपुरी, संतकबीर नगर में 3-3 तथा लखीमपुरखीरी, बरेली, फिरोजाबाद, मथुरा, गाजीपुर तथा बलरामपुर में 2-2  उद्यम स्थापित किए गए हैं। जबकि सुल्तानपुर, कन्नौज, हापुड़, रामपुर, श्रावस्ती, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, देवरिया, आगरा, चंदौली, बुलंदशहर तथा प्रयागराज में एक-एक उद्यम स्थापित किया गया है।


जिन 215 उद्यमों में उत्पादन होने लगा है, उनमें सबसे अधिक 101 उद्यम (फैक्ट्री) फूड प्रोसेसिंग से संबंधित हैं। फूड प्रोसेसिंग की इन 101 यूनिटों की स्थापना में 4074.02 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और इन यूनिटों में 20,176 लोगों को रोजगार मिला है। मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित 62 उद्यमों की स्थापित कर उसमें 12,378 लोगों को रोजगार दिया गया है। मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित 62 उद्यमों की स्थापना पर 4819.45 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की 16 यूनिटों में 23762.67 करोड़ रुपए का निवेश कर उसमें 61195 लोगों को रोजगार दिया गया है और टेलिकॉम सेक्टर में भी दो उद्यमों की स्थापना पर 15,000 करोड़ रुपए का निवेश कर उसमें दो हजार लोगों को रोजगार दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इसी प्रकार 6 डिस्टिलरी, 7 टेक्सटाइल्स फैक्ट्री, दो चीनी मिल तथा एक डेयरी फैक्ट्री की स्थापना भी की गई है।


नोएडा सहित 48 जिलों के 215 उद्यमों में उत्पादन शुरू होने के चलते अब 37698.63 करोड़ रुपए का निवेश करके स्थापित किए जा रहे 132 उद्यमों के निर्माण कार्य में भी तेजी आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि चंद महीनों में उक्त 132 उद्यमों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और इसी साल इन उद्यमों में उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। इन 132 उद्यमों में 2,16,236  लोगों को रोजगार मिलेगा। इन उद्यमों मने भी सबसे अधिक 38 फैक्ट्री फूड प्रोसेसिंग से संबंधित हैं और उसके बाद 28 उद्यम मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित हैं। उक्त फैक्ट्रियों में उत्पादन जल्दी से शुरू हो इसके लिए उक्त उद्यमों के निवेशकों से अधिकारी लगातार संपर्क में हैं।


फिलहाल कोरोना संकट के इस दौर में उत्तर प्रदेश ही एक ऐसा राज्य है जहाँ निवेश के लिए बड़े -बड़े उद्योगपति निवेश करने के लिए आगे आ रहें हैं और सरकार भी उनकी हर स्तर पर मदद कर रही है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में बड़े बड़े उद्योगपति अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। यह उद्यमी अब नोयडा में ही नहीं राज्य के अन्य जिलों में भी अपने उद्यम स्थापित करने के उत्साह दिखा रहें हैं। जिसके चलते अब राज्य के सभी प्रमुख जिलों में  बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां लग गई हैं और लग रहीं हैं।


पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

पूर्व CM कल्याण सिंह की हालत नाजुक, हाल जानने PGI पहुंचीं उमा भारती

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के स्‍वास्‍थ्‍य की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) से मिली जानकारी के अनुसार क्रिटिकल केयर मेडिसिन के गहन चिकित्सा कक्ष (आइसीयू) में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। उनके गुर्दे तीन दिन से ठीक तरह से काम नहीं कर रहे हैं। डॉक्टरों ने डायलिसिस शुरू कर दी है। बुधवार को मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने अस्पताल पहुंचकर कल्याण सिंह का हालचाल लिया। उमा भारती ने डॉक्टरों और परिवारीजन से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत भी की।

लखनऊ संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को देखने के लिए बुधवार को भाजपा नेता उमा भारती भी पहुंचीं। वहां पहुंचकर उन्होंने डॉक्टरों से कल्याण सिंह की सेहत का हालचाल जाना। हालांकि इस दौरान कल्याण सिंह अचेत अवस्था में रहे। उमा भारती ने एसजीपीजीआइ के डॉक्टरों और पूर्व सीएम के परिवारजन से मुलाकात कर उनकी तबीयत के बारे में अपडेट लिया। डॉक्टरों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री की हालत लगातार चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह का हाल लिया। उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।


पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की किडनी की कार्य शक्ति काफी कम हो गई है। इस कारण उनकी लगातार डायलिसिस की जा रही है। स्वास्थ्य स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। वह लाइफ सेविंग सपोर्ट सिस्टम पर हैं। वह लगातार डायलिसिस पर हैं। विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा उनके नैदानिक मापदंडों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। सीसीएम कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी उनके स्वास्थ्य से जुड़े तमाम पहलुओं पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को तीन जुलाई के देर रात लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत गंभीर होने के बाद चार जुलाई की शाम संजय गांधी पीजीआइ में शिफ्ट किया गया। उनको पीजीआइ के सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) डिपार्टमेंट के आइसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती किया गया है। कल्याण सिंह का हालचाल लेने के लिए लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके इलाज की लगातार निगरानी कर रहे हैं।