यूपी में तेज होगी नगर निकायों कोआत्मनिर्भर बनाने की कवायद

यूपी में तेज होगी नगर निकायों कोआत्मनिर्भर बनाने की कवायद

प्रदेश गवर्नमेंट नगर निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कोशिश कर रही है. घाटे में चल रहे नगर निकायों, नगर निगमों, ग्राम पंचायतों को मजबूत करने के लिए हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स जैसे अन्य करों की 100 फीसदी वसूली की जा रही है. केन्द्र और राज्य गवर्नमेंट की योजनाओं के माध्यम से भी नगर निकायों को सक्षम और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के कोशिश किये जा रहे हैं. नगर निकायों के मजबूत होने से शहरों की साफ-सफाई से लेकर लोगों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं उनको सरलता से सुनिश्चित की जा सकेगी. टीम-9 के ऑफिसरों के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरसात को देखते हुए भी कठोर निर्देश दिये हैं.

नगर निकायों, नगर निगमों, नगर पंचायतों में बरसात प्रारम्भ होने से पहले नालों की सफाई करा लेने के लिए बोला है. उन्होंने कठोरता से बोला है कि कहीं भी जलभराव की परेशानी न हो. मुख्यमंत्री योगी ने ऑफिसरों से अमृत योजना के अनुसार अब तक हुए कार्यों की गहनता से समीक्षा करने और शहरों को स्वच्छ करने के साथ-साथ सुंदर बनाने का भी कोशिश करने के लिए बोला है. उन्होंने ऑफिसरों से बोला है कि जनसहभागिता, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं के योगदान से चौराहों का सुंदरीकरण कराया जा सकता है. ऊर्जा संरक्षण पर ध्यान देने और यह भी सुनिश्चित करा लेने के निर्देश दिये हैं कि स्ट्रीट लाइट समय से ऑन हों और समय से बंद कर दी जाएं


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.