कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर उछाल

कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर उछाल

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या में धीमी गति से मगर लगातार वृद्धि हो रहा है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 682 नये कोविड-19 के मुद्दे सामने आये है जिन्हें मिलाकर कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 3,257 हो चुकी है.  आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि बीते 24 घंटों में 91 हजार से अधिक टेस्ट किए गए जिसमें 682 नए रोगी सामने आये हैं. इस बीच 352 लोगों ने संक्रमण को मात दी है. प्रदेश में अभी कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 3257 है जिनमें 3,082 लोग होम आइसोलेशन में हैं.

कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर उछाल होने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑफिसरों को कोविड की बदलती परिस्तिथियों पर सूक्ष्मता से नजर बना रखने के नर्दिेश दिए हैं. उन्‍होंने सभी अस्पतालों में चिकत्सिकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्‍टॉफ की समुचित उपलब्धता की गहनता से परख करने के निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आवश्यक दवाओं के साथ मेडिसिन किट तैयार कराने के आदेश दिए हैं. सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने को जरूरी करते हुए पब्लिक एड्रेस सस्टिम के जरिए लोगों को सतर्क भी किया जाएगा.
 
उन्होने बताया कि प्रदेश में अब तक 33 करोड़ 75 लाख से अधिक टीके की डोज देने के साथ ही टीकाकरण अभियान में दूसरे प्रदेशों की तुलना में पहले पायदान पर अपना स्‍थान बनाए हुए है. यही कारण है कि महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों को पछाड़ते हुए राष्ट्र में उत्तर प्रदेश टीकाकरण अभियान का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहा है.
 यूपी में बुधवार को 33,75,72,051 टीके की डोज दी जा चुकी है. जिसमें 17,53,24,563 को पहली डोज और 15,87,91,071 को दूसरी डोज दी जा चुकी है. अब तक उत्तर प्रदेश में 34,56,417 को प्रीकॉशन डोज दी जा चुकी है. ‘फोर टी’ रणनीति के अनुसार उत्तर प्रदेश ने कम समय में न सर्फि संक्रमण पर काबू पाया बल्कि कोविड-19 के नए वेरिएंट के प्रसार को भी रोकने में सक्षम रहा.


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.