ट्रैफिक पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान इतने लोगों ने वसूला जुर्माना

ट्रैफिक पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान इतने लोगों ने वसूला जुर्माना

गाजीपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया. यातायात नियमों का उल्लंघन कर सड़क पर गाड़ी चलाने वाले लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला. शहर के विभिन्न चौराहों पर की गई. इस सघन चेकिंग में 135 वाहनों का चालान किया गया.

चार पहियों से काली फिल्म उतरवाई
सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर पुलिस जनपद में जगह-जगह चेकिंग कर रहीं है. लोगों को सतर्क किया जा रहा है. बड़े वाहनों से लेकर बाइक का चालान भी किया गया. यातायात प्रभारी सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि नगर के इर्द-गिर्द के मार्ग पर चार पहिया गाड़ी चालकों से सीट बेल्ट लगाकर चलने की हिदायत दी जा रही है. वहीं गाडियों पर लगी काली फिल्म उतारा जा रहा है. बिना कागज़ के सड़क पर दौड़ने वाले तीन पहिया गाड़ी पर कार्रवाई की जा रहीं है. बिना हेलमेट चलने वाले बाइक सवारों को हेलमेट लगाकर चलने की हिदायत दी गई. बाइक पर तीन सवारी करने वालों से जुर्माना वसूल किया गया. कम उम्र के बच्चों को बाइक न चलाने की हिदायत दी गई.

हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर पहने
इस कार्रवाई में नगर के मुख्य मार्गों पर बेतरतीब गाड़ी खड़ा करने और सवारी भरने उतारने वाले गाड़ी चालकों को हिदायत दी. जुर्माना भी वसूला गया. गाड़ी चालकों को सतर्क करते हुए बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने से आप सुरक्षित रहते हैं. कभी भी कोई अनहोनी होने पर सिर में चोट लगने से ही मृत्यु होती है.

खुद सुरक्षित रहे और दूसरों को सुरक्षित रखें
इस लिए गाड़ी चलाते समय सुरक्षा कवच महत्वपूर्ण है. मनुष्य का जीवन अनमोल होता है. आप स्वयं सुरक्षित रहेगें तभी किसी को सुरक्षित रहने की राय दे सकते हैं. आज की कार्यवाही में 135 वाहनों का चालान किया गया जबकि ₹2000 जुर्माना भी वसूल किया गया


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.