योगी सरकार श्रमिक परिवारों को कराएगी तीर्थ यात्रा

योगी सरकार श्रमिक परिवारों को कराएगी तीर्थ यात्रा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला ने बताया कि श्रवण कुमार मजदूर परिवार तीर्थ यात्रा योजना के अनुसार मजदूर परिवारों को तीर्थ यात्रा कराये जाने की सुविधा दी गई है इस सुविधा के अनुसार लाभ पाने वाले के बैंक खाते में 12000 रूपये की रकम उपलब्ध करायी जायेगी उन्होंने बताया कि इस योजना का फायदा सभी धर्मों के पात्र मजदूरों और उसके परिवारों के लिए है उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसके लिए एक ट्रेन चलाये जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है, जिससे मजदूरों एवं उनके परिवारों को ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराये जाने की सुविधा प्रदान की जायेगी इसमें चिकित्सा सुविधा समेत सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद रहेंगी

भराला ने बताया कि यूपी श्रम कल्याण परिषद् द्वारा संचालित डॉएपीजे अब्दुल कलाम मजदूर प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत डिग्री पाठ्यक्रम हेतु वितरित की जाने वाली हितलाभ की धनराशि  15000 रुपये के जगह पर  25000, डिप्लोमा पाठ्यक्रम हेतु 10000 रुपये के जगह पर  15000 रुपये तथा सर्टिफिकेट पाठ्îक्रम हेतु  7000 रुपये के जगह पर 10000 रुपये किये जाने का फैसला लिया गया है इसे 01 जुलाई 2022 से लागू भी किया जायेगा

बैठक में सुनील भराला ने बोला कि मजदूर परिवार के बच्चों के पठन-पाठन हेतु प्रदेश में संचालित पुस्तकालयों में किताबें मौजूद करायी जाये उन्होंने बोला कि मजदूरों और कर्मचारियों के पुत्र/पुत्रियों के शिक्षण में सहायता के दृष्टिगत प्रथम चरण में मेरठ और कानपुर में पुस्तकालय का निर्माण कराये जाने का प्रस्ताव किया है उन्होंने बोला कि परिषद की अपनी लाईब्रेरी का निर्माण होने तक प्रथम चरण में मेरठ और कानपुर में लाईब्रेरी स्थापित करने हेतु विश्वविद्यालयों तथा शासकीय कार्यालयों आदि से जगह आवंटन हेतु निवेदन किया जायेगा

भराला ने बताया कि मजदूर कल्याण भवन, शास्त्रीनगर, कानपुर को मजदूरों को  5000 रुपये तथा अन्य व्यक्तियों को 10000 रुपये प्रति दिन की रेट से आवंटित किया जा रहा है उन्होंने इस संबंध में परिसर की नियमित साफ-सफाई और अन्य समस्त कार्यों के सम्पादन हेतु पूर्णकालिक सफाई सेवक को नियुक्ति किये जाने के दृष्टिगत मजदूरों को  5000 रुपये प्रतिमाह की रेट से तैनात किये जाने तथा कांफ्रेन्स और मीटिंग इत्यादि के लिए भी इस भवन को आवंटित किये जाने के निर्देश उच्च ऑफिसरों को प्रदान किये गये उन्होंने सुझाव दिया कि इस भवन का सुदृढ़ीकरण और विस्तार भी किया जाय, ताकि इससे अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा मिल सके

श्री भराला ने अस्पताल, विश्वविद्यालय, मेडिकल कालेज, वाणिज्यिक अधिष्ठानों में काम करने वाले मजदूरों को भी परिषद की योजनाओं से आच्छादित किये जाने हेतु मजदूर की परिभाषा में आवर्त किये जाने के निर्देश प्रदान किये गये है उन्होंने मेरठ तथा गोरखपुर जनपद में चेतन चौहान क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत टूर्नामेंट न कराये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, इसे निर्धारित समय (30 जून) तक सम्पन्न कराये जाने के निर्देश दिये उन्होंने सुषमा स्वराज स्त्री सशक्तिकरण मजदूर स्त्री कल्याण योजना तथा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी मजदूर सहायता योजना का शुरुआत 01 जुलाई 2022 से किए जाने तथा 15 जुलाई से लाभार्थियों को इस योजना का भलाई फायदा प्रदान किए जाने के निर्देश उच्च ऑफिसरों को प्रदान किये

श्री भराला ने बोला जिन प्रतिष्ठानों का कारखाना अधिनियम के अनुसार पंजीयन नहीं कराया गया है, उनका नियमानुसार पंजीयन कराया जाय उन्होंने बोला कि ऐसे विषयों के प्रकरण/मामले, जिनमें श्रम कल्याण निधि अधिनियम एवं अधिसूचित नियमावली में उल्लिखित नियमों के अन्तर्गत परिषद द्वारा लिये गये निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए श्रम कल्याण आयुक्त को अधिकृत किया गया है, उन प्रकरणों में उन्हीं के माध्यम से आदेश जारी किये जायें शासन को मात्र संसूचित किया जाये

भराला ने बोला कि सुषमा स्वराज स्त्री सशक्तीकरण मजदूर स्त्री कल्याण योजना के अनुसार स्त्री मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से सिलाई मशीन मौजूद कराये जाने का फैसला पूर्व में लिया गया है, जिसका शीघ्र ही क्रियान्वयन किया जाएगा उन्होंने निर्देशित किया कि क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर श्रम कल्याण परिषद की योजनाओं हेतु सभी जनपदों में ऑफिसरों और कर्मचारियों को परिषद का नोडल अधिकारी नामित किये जायें, ताकि त्वरित रूप से योजनाओं का फायदा मजदूरों का प्रदान किया जा सके

अपर मुख्य सचिव श्रम श्री सुरेश चन्द्रा ने बोला कि जिन मामलों में निर्धारित नियमानुसार राज्य गवर्नमेंट से अनुमोदन प्राप्त किया जाना हो, सिर्फ उन्हीं मामलों को शासन के अनुमोदन हेतु सन्दर्भित किया जाये, जिससे शासन को अनुमोदन हेतु अनावश्यक पत्र प्रेषित कर अमूल्य समय बचाया जा सके

बैठक में परिषद के सदस्य श्री कन्हैया लाल भारती, श्री मुरहू राजभर, तथा श्री अजीत जैन जी एवं श्री राधे तथा विशेष आमंत्रित सदस्य श्री भीम शर्मा और श्री विवेक सक्सेना, अपर मुख्य सचिव (श्रम)श्री सुरेश चन्द्रा, अपर श्रम आयुक्त श्री सरयू राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.