हमीरपुर में युवक का शव रखकर हाईवे पर लगाया जाम

हमीरपुर में युवक का शव रखकर हाईवे पर लगाया जाम

हमीरपुर में आज पुलिस महकमे में उस समय हडकंप मच गया. जब कुछ लोगों ने नेशनल हाइवे पर मृत शरीर रख कर जाम लगा दिया. परिजनों का आरोप पुरुष बांदा जिले में रिश्तेदारी में आया हुआ था. जहां उसकी मर्डर कर मृत शरीर को फांसी पर लटका दिया गया और परिजनों को सूचना दिए बिना पुलिस ने मृत शरीर का पोस्टमार्टम भी करा दिया.

शव रख कर जाम लगाने का यह मामला सदर कोतवाली क्षेत्र में बेतवा पुल के पास नेशनल हाइवे 34 का है. यहां रमेड़ी मोहल्ले का रहने वाला 20 वर्षीय पुरुष सोनू निषाद जो बांदा जनपद में जसपुरा थाना क्षेत्र के नारायण गांव अपने भाई की होने वाली ससुराल गया था. उसका संदिग्ध हालत में फांसी पर लटका हुआ मृत शरीर मिला था. परिजनों का आरोप है की सोनू निषाद की मर्डर कर उसे फांसी पर लटकाया गया और पुलिस ने बिना सूचना दिए मृत शरीर का पोस्टमार्टम करा दिया.

उपस्थित परिजन." loading="lazy" class="e86bf44b">

सड़क पर उपस्थित परिजन.

भाई की ससुराल में आया था युवक

शव रख कर नेशनल हाइवे जाम करने की सूचना पर पुलिस शीघ्र में मौके पर पहुंच गई जिसने परिजनों को काफी जद्दोजहद के बाद समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया है. मृतक के चचा रामसेवक ने बताया की सोनू दिन में अपने भाई की होने वाली ससुराल गया था, जहां से देर रात उसने अपने पिता राम खिलावन को टेलीफोन किया की मुझे आकर ले जाओ नहीं तो यह लोग मुझे मार डालेंगे. सुबह होने पर जब परिजन बेटे को लेने नारायण गांव पहुंचे तो उन्हें बताया गया की तुम्हारे लड़के ने फांसी लगा ली है. और बिना सूचना दिए पुलिस ने मृत शरीर का पोस्टमार्टम भी करा दिया.

परिजनों से बात करती पुलिस<span class='red'>.</span>

परिजनों से बात करती पुलिस.

पुलिस कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं

मृतक के भाई ने अपने होने वाले ससुराली जनों पर छोटे भाई की मर्डर कर मृत शरीर को फांसी में लटका दिया है, और बिना सूचना दिए उसका पोस्टमार्टम भी करा दिया गया है. बांदा जनपद की जसपुरा थाना पुलिस अब कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए उन्होंने जाम लगाया था. अभी इस मुद्दे में हमीरपुर पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है, पुलिस इसे दूसरे जनपद का मामला बता कर अपना पल्ला झाड़ रही ह


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.