युवाओं के विरोध को लेकर की जा रही चेकिंग के चलते बॉर्डर पर लगा था लंबा जाम

युवाओं के विरोध को लेकर की जा रही चेकिंग के चलते बॉर्डर पर लगा था लंबा जाम

गाजियाबाद के मोदीनगर में अग्निपथ योजना के विरोध में भड़की हिंसा का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि केन्द्र गवर्नमेंट की अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं को भड़काने की षड्यंत्र में छुट्टी पर आए फौजी का नाम सामने आया है. फौजी ने अपने भाई के साथ मिलकर गांव में युवाओं को इकट्‌ठा कर उन्हें उकसाया था. इसके अलावा, सेना भर्ती में विफल युव‌कों ने भी पंचायत कर युवाओं को उकसाया था. लगातार दो दिन तक सैदपुर और प्रथमगढ़ में पंचायत भी हुई थी.

डीएमई पर पहुंचे युवा पुलिस देख वापस लौटे
युवाओं ने गत सोमवार को डीएमई पर जाम लगाने का कोशिश किया था. पुलिस प्रशासन की सतर्कता के चलते आंदोलन सफल नहीं हो पाया था. पुलिस ने फौजी और उसके भाई सहित कई लोगों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश प्रारम्भ कर दी है. ​​​​​​​बता दें कि अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर भोजपुर के चुड़ियाला क्षेत्र में गत सोमवार को जाम लगाने का कोशिश किया था. दर्जनों की संख्या में युवा डीएमई पर पहुंचे, मगर वहां पुलिस की मौजूदगी के चलते युवा नारेबाजी करते हुए वापस लौट गए.

युवाओं को गलत जानकारी देकर उकसाया गया
पुलिस जांच में सामने आया कि 19 और 20 जून को गांव प्रथमगढ़ और सैदपुर में पंचायतें हुईं, जिसमें ‌अग्निपथ योजना के बारे में युवाओं को गलत जानकारी देकर उन्हें गुमराह किया गया और योजना के विरोध में आंदोलन करने के लिए उकसाया गया था. इसमें छुट्टी पर आए एक फौजी की मुख्य किरदार सामने आई. युवाओं को उकसाने के ‌मामले में सेना भर्ती में विफल पुरुष भी शामिल रहे. पुलिस को इससे संबंधित कुछ वीडियो हाथ लगे हैं, जिसमें युवाओं को उकसाने की बात की जा रही है.

सीओ ने कहा- जल्द अरैस्ट होंगे आरोपी
सीओ सुनील कुमार सिंह का बोलना है कुछ लोगों ने अग्निपथ योजना के विरोध में गांव सैदपुर और प्रथमगढ़ में पंचायत कर युवाओं का उकसाया. पुलिस को इससे संबंधित साक्ष्य मिले हैं. उकसाने वालों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है. इसमें छुट्टी पर आया सेना का एक जवान और उसका भाई भी शामिल है. उसके विरूद्ध भी रिपोर्ट दर्ज की गई है. आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी गई, मगर वह फरार हो चुका था. सीओ ने बोला कि आरोपियों को जल्द अरैस्ट कर लिया जाएगा.


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.