कानपुर हिंसा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

कानपुर हिंसा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

कानपुरः नुपूर शर्मा के विवादित बयान के बाद शहर में हुई हिंसा के मुद्दे में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं 3 जून को हुई हिंसा का पाक कनेक्शन सामने आया है हिंसा का आरोपी अतीक खिचड़ी पाक में किसी से टेलीफोन से संपर्क में था वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है वहीं, एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि हिंसा में मुख्तार बाबा के कर्मचारी भी शामिल थे अतीक खिचड़ी और पाकिस्तानी शख्स के बीच चैट के एक्सक्लूजिव सबूत मिले हैं 

बाबा बिरियानी रेस्टॉरेंट के कर्मचारी SIT की रडार पर 
भीड़ में सबसे आगे रहे पुरुष बाबा बिरियानी रेस्टॉरेंट में काम करते थे बंद के समर्थन में मुख्तार बाबा ने अपनी दुकान बंद कर रखी थी उपद्रव के बाद इंटरनेट में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें चंद्रेश्वर हाता के सामने खड़ा एक पुरुष भीड़ को बुला रहा था पुरुष के रुमाल लहराने और इशारा करने में के बाद उपद्रव करने वाली भीड़ भी चंद्रेश्वर हाता की तरफ मुड़ गई थी

एसआईटी की जांच में पता चला है कि रुमाल लहराने वाला पुरुष बाबा बिरियानी में काम करने वाला कर्मचारी था मुख्तार ने अपने कर्मचारियों को भीड़ में शामिल कराया और तय योजना के अनुसार भीड़ को चंद्रेश्वर हाता की ओर मोड़ दिया नए खुलासे के बाद में बाबा बिरियानी में काम करने वाले कर्मचारी एसआईटी की रडार पर हैं

सामने आया पाक कनेक्शन
3 जून को जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान शहर में हिंसा हुई थी घटना की जांच एसआईटी कर रही है इस दौरान पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से अकील खिचड़ी की वार्ता होने की जानकारी सामने आई है जांच में अतीक खिचड़ी और पाकिस्तानी शख्स के बीच चैट के एक्सक्लूजिव सबूत मिले हैं चैट के मुताबिक, हिंसाग्रस्त क्षेत्र में बम लाने को बोला गया था  हिंसा में पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद ऑफिसरों की नींद उड़ गई है


17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

17 साल की उम्र में इतने खिताब जीत चुके हैं शहान

आगरा के अंतर्राष्ट्रीय कार रेसर शहान अली मोहसिन की उम्र महज 17 वर्ष है. लेकिन, जब ड्राइविंग सीट पर बैठते हैं तो उनकी स्पोर्ट्स कार हवा से बातें करती है. लिहाजा लोग उन्हें रफ्तार का बादशाह कहते हैं. वह पिता को अपने जीवन की रेस का एक्सीलेटर मानते हैं. उनका बोलना है कि पिता ने उसके शौक को जुनून में बदल दिया और वह पिता की झोली में छह खिताब डाल चुके हैं. शहान बुधवार (छह जुलाई) को अब नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप के लिए बेंगलुरु रवाना हो रहे हैं.



कार रेसर शहान के पिता शाहरू मोहसिन शू एक्सपोर्टर हैं. उन्होंने बताया कि बेटा पांच वर्ष की उम्र से ही टीवी पर कार रेस ही देखता था. घर में उपस्थित कार की बजाय रेसिंग कार की मांग करने लगा. उसके इस शौक को सात वर्ष की उम्र में जुनून बनाने का निर्णय ले लिया. 

दस वर्ष पहले कार्टिंग से प्रारम्भ यात्रा में शहान अब तक अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के छह खिताब जीत चुका है. बेंगलुरु में 15 जुलाई से प्रारम्भ होने वाली नेशनल कार्टिंग चैंपियनशिप से पहले कैंप के लिए शहान अली बुधवार को बेंगलुरु रवाना होंगे. इसके बाद अगस्त के तीसरे सप्ताह में चेन्नई में एमआरएफ फार्मूला 2000 नेशनल कार रेसिंग चैंपियनशिप में प्रतिभाग करेंगे. 

पैसा नहीं, खिताब बेशकीमती: शाहरू मोहसिन 

शाहरू मोहसिन कहते हैं कि बेटे के करियर पर ध्यान देने से व्यवसाय 50 फीसदी रह गया. चिंता उस समय दूर हो जाती है, जब बेटा हाथों में खिताब लाकर देता है. खिताब मेरे लिए बेशकीमती हो जाता है. 

पापा को ढूंढती है नजर: शहान

रेसिंग के समय पापा का ध्यान कर कार दौड़ाता हूं. रेस खत्म होने पर नजर सबसे पहले पापा को ढूंढती है. आज जिस शिखर पर हूं, केवल उनकी वजह से हूं. 

चेक करती हूं किट: मां सबीना

मां सबीना बताती हैं घर से निकलने से पहले बेटे की किट हमेशा चेक करती हूं. साथ ही पति और बेटे की व्यस्तता के चलने मित्रों और संबंधियों से मिलना भी काफी कम हो गया है.