इस खिलाड़ी को रोकने के लिए पैट कमिंस खोज रहे थे विकल्प, पढ़े

इस खिलाड़ी को रोकने के लिए पैट कमिंस खोज रहे थे विकल्प, पढ़े

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस (Pat Cummins) ने बोला कि उन्हें चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की काबिलियत के बारे में पता है व उन्हें इस वर्ष घरेलू सीरीज में उनकी पारी को सस्ते में समेटने का ‘तरीका ढूढ़ना’ होगा।

पुजारा (Cheteshwar Pujara) 2018-19 के दौरें पर शानदार लय में थे। कमिंस को यह अच्छे से याद है कि उनकी बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम ने टेस्ट श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की थी। पुजारा ने उस श्रृंखला में 74.42 की औसत से 521 रन बनाये थे जिसमें में तीन शतक व एक अर्धशतकीय पारी शामिल था।

पुजारा को रोकने के लिए कमिंस ढूंढ रहे हैं विकल्प
कमिंस ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, ‘उसने उस (2018-19) सीरीज में हिंदुस्तान के लिए रनों का अंबार लगाया था। वह ऐसे खिलाड़ियों में है जो क्रीज पर पैर जमाने के लिए समय लेता है व उन पर दबाव का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ‘उसने जिस तरह पिछली बार बल्लेबाजी की उसे रोकने का हमें उपाय ढूंढना होगा। पिच से हालांकि गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी। मुझे लगता है हमें खुद ही इसका उपाय ढूंढना होगा। कमिंस (Pat Cummins) को उम्मीद है कि इस बार दशा ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में होंगे। उन्होंने बोला कि उन्हें हिंदुस्तान को रोकने के लिए पुजारा को कुछ अलग करने के लिए मजबूर करना होगा।

पसीना या लार की स्थान कोई व विकल्प चाहते हैं कमिंस
पैट कमिंस (Pat Cummins) ने लार के गेंद पर प्रयोग से होने वाले स्वास्थ्य खतरे की बात स्वीकार की व खेल की शीर्ष संस्था से बल्ले व गेंद में तालमेल बिठाने के लिए एक विकल्प तलाशने की बात कही। कमिंस (Pat Cummins) ने बोला कि अगर लार के प्रयोग को प्रतिबंधित किया जाता है तो पसीना या फिर कोई अन्य पदार्थ जैसे मोम विकल्प होने कि सम्भावना है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिेकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति कोविड-19 के जोखिम को देखते हुए पहले ही गेंद पर लार के प्रयोग पर प्रतिबंध की सिफारिश कर चुकी है।

सत्ताईस वर्ष के गेंदबाज कमिंस ने कहा, ‘अगर हमें लार को हटाना है तो हमें कोई व विकल्प चाहिए होगा। ’ उन्होंने कहा, ‘पसीना इतना बुरा भी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें आदर्श रूप से किसी व वस्तु की आवश्यकता है। यह चाहे जो कुछ भी हो, मोम या फिर मुझे नहीं पता क्या। ’