न्यूजीलैंड के दिग्गज का खुलासा, क्यों भारतीय तेज गेंदबाजों को नहीं मिल रहा WTC फाइनल में स्विंग

न्यूजीलैंड के दिग्गज का खुलासा, क्यों भारतीय तेज गेंदबाजों को नहीं मिल रहा WTC फाइनल में स्विंग

न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज साइमन डूल का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले मैच अभ्यास की कमी का भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को नुकसान हो रहा है।डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले न्यूजीलैंड को मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट खेलने का मौका मिला, जबकि इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम को मैच अभ्यास का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

डूल ने कहा, 'कई बार आप इसे देखते हो और सोचते हो कि क्या उन्हें (भारत को) तैयारी का पर्याप्त मौका मिला। मुझे लगता है कि उन्हें मिला। मुझे लगता है कि पिछले 10-12 दिन में उन्होंने पर्याप्त गेंदबाजी की, जिससे कि सुनिश्चित हो कि वे मुकाबले के लिए तैयार रहें, लेकिन मैच अभ्यास को दोहरा पाना मुश्किल है। आप अपनी ही दो टीमें बनाकर ऐसा करने का प्रयास कर सकते हो, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होता और यह महत्वपूर्ण है। मैच अभ्यास की जगह लेना मुश्किल होता है, जो आपको बेहतर बनाता है और आप इन मैचों के लिए तैयार होते हो।'

डूल ने यह बयान न्यूजीलैंड की पहली पारी में भारतीय तेज गेंदबाजों के उम्मीद से कमतर प्रदर्शन पर दिया है। तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात होने के बावजूद जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मुहम्मद शमी अधिक स्विंग हासिल करने में नाकाम रहे, जबकि न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों काइल जेमिसन, नील वैगनर और ट्रेंट बोल्ट ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में तेज गेंदबाजी के अनुकूल हालात का फायदा उठाते हुए भारत को कम स्कोर पर रोका।

डूल ने कहा कि न्यूजीलैंड को निश्चित तौर पर इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने का फायदा मिला। उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड ला‌र्ड्स में अपने पहले टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ उसी तरह की तैयारी के साथ उतरा था जिस तैयारी के साथ भारत उतरा है। न्यूजीलैंड की टीम लगभग 10-11 दिन साउथैंप्टन में रही, अपनी टीमों के बीच मुकाबले खेले, ट्रेनिंग, अभ्यास किया और जब वे ला‌र्ड्स में उतरे तो लय में लग रहे थे। टिम साउथी ने शानदार गेंदबाजी की। डेवोन कोनवे ने यहां 10 दिन के नेट सत्र के बाद ला‌र्ड्स में दोहरा शतक जड़ा। ऐसा लग रहा था कि वे तैयार हैं।'

डूल ने कहा कि इशांत को छोड़कर भारतीय एकादश में कोई वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं है। उन्होंने कहा, 'वे वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं हैं। मुझे पता है कि बुमराह गेंद को स्विंग करा सकते हैं, इशांत स्विंग गेंदबाज हंै, वह राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए उस कोण के साथ आते हैं कि कलाई से गेंद बाहर की ओर स्विंग होती है। वह गेंद को बायें हाथ के बल्लेबाजों से दूर और दायें हाथ के बल्लेबाजों के लिए अंदर लाते हैं। शमी कभी वास्तविक स्विंग गेंदबाज नहीं रहे। वह सीम गेंदबाज हैं। मेरे लिए बुमराह, शमी नहीं, बल्कि इशांत अधिक महत्वपूर्ण हैं।'


इंग्लैंड में अगर भारतीय खिलाड़ी इंजर्ड होते हैं फिर भी...

इंग्लैंड में अगर भारतीय खिलाड़ी इंजर्ड होते हैं फिर भी...

भारत व इंग्लैंड के बीच चार अगस्त से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का आयोजन होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले तीन भारतीय खिलाड़ी चोटिल होकर इस दौरे से बाहर हो चुके हैं। वहीं टीम के कप्तान विराट कोहली व उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे भी दर्द की समस्या की वजह से पहले प्रैक्टिस मैच में नहीं खेल पाए थे। हालांकि अब दोनों ठीक हैं और प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा भी ले रहे हैं। अब टीम इंडिया को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंजमान उल हक ने कहा है कि, अगर भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हो भी रहे हैं तो टीम को परेशान होने की जरूरत नहीं है। 

इंजमाम उल हक का मानना है कि, टीम इंडिया की बेंच सट्रेंथ काफी मजबूत है और अगर कुछ खिलाड़ी चोटिल हो भी जाते हैं तो इसका असर टीम के प्रदर्शन पर शायद ही पड़ेगा। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि, इंग्लैंड में शुभमन गिल, आवेश खान व वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों के चोटिल होने की वजह से टीम इंडिया के लिए समस्या तो सामने आई थी, लेकिन अच्छी बात ये है कि इस टीम की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है। इस टीम के कुछ अहम खिलाड़ी अगर अनफिट हो भी जाते हैं तो चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने भारतीय टीम की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ का पूरा श्रेय राहुल द्रविड़ को दिया और कहा कि, उन्होंने युवा खिलाड़ियों पर काफी काम किया है।


इंजमाम ने कहा कि सूर्यकुमार यादव और पृथ्वी शॉ जो श्रीलंका में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, दोनों इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे। मुझे नहीं लगता कि टीम इंडिया खिलाड़ियों की चोट को लेकर ज्यादा चिंता में होगी। ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय टीम को ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम इंडिया ने अपना धैर्य नहीं खोया। युवा क्रिकेटरों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए टीम को एतिहासिक जीत दिलाई। युवा क्रिकेटर ऐसे खेले, जैसे वे सालों से खेल रहे हों, तो बेंच स्ट्रेंथ का बहुत ही महत्व है और मैं इसका पूरा श्रेय राहुल द्रविड़ को दूंगा।