कोरोना वायरस ने खोली क्रिकेट चलाने वालों की 'पोल'

कोरोना वायरस ने खोली क्रिकेट चलाने वालों की 'पोल'

नई दिल्ली: स्कूल बंद, कॉलेज बंद, दफ्तर बंद, रेल बंद, उड़ाने बंद, खेल की संसार भी पूरी तरह बंद। कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी संसार को जैसे थाम कर रख दिया है। कई राष्ट्रों ने अपने यहां लॉकडाउन कर रखा है व उसके नागरिक इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए अपने घरों में बंद हैं। लोग परेशान हैं, उन्हें सब कुछ सामान्य होने का इंतजार है। हालांकि पूरी संसार में एक तबका ऐसा भी है जो कोरोना वायरस की वजह से मिले ब्रेक के बाद राहत की सांस ले रहा है। चौंकिए नहीं, ये हकीकत हैदरअसल यहां बात हो रही है उन क्रिकेट खिलाड़ियों की जो सारे सालभर कोई ना कोई सीरीज खेलते रहते हैं व अकसर अपने परिजनों, माता-पिता व बीवी-बच्चों से दूर रहते हैं। पिछले दो दिनों में संसार की दो बड़ी टीमों के हेड कोच ने ऐसे बयान दिये हैं जिसके बाद उनका दर्द समझना ज्यादा कठिन नहीं है।

कोरोना वायरस की वजह से मिले ब्रेक से फायदा!
संसार की नंबर 1 टेस्ट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने शनिवार को बयान दिया कि कोरोना वायरस के बाद मिले ब्रेक से टीम इंडिया को लाभ ही होगा। उन्‍होंने बोला कि पिछले 10 महीने से टीम खेल ही रही है। उनके साथ सपोर्ट स्‍टाफ के कई व लोग वर्ल्‍ड कप के लिए मई में हिंदुस्तान से रवाना हुए थे व फिर उसके बाद से ही वह घर पर सिर्फ 10 से 11 दिन रहे। भले ही रवि शास्त्री का ये बयान कई लोगों को अटपटा लगे लेकिन जरा समझिए कि उन्होंने ये बात कही क्यों।

दुनिया में सबसे ज्यादा क्रिकेट खेल रही है टीम इंडिया
रवि शास्त्री ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद मिल रहे आराम को इसलिए जायज ठहराया क्योंकि पिछले एक वर्ष में सबसे ज्यादा क्रिकेट भारतीय टीम ने ही खेला है। हिंदुस्तान ने 1 जनवरी 2019 से लेकर अबतक सबसे ज्यादा 68 इंटरनेशन मैच खेले हैं। हिंदुस्तान ने बीते 13 महीनों में 10 टेस्ट मैच, 34 वनडे व 24 टी20 मैचों में भाग लिया। विराट कोहली, केएल राहुल, रोहित शर्मा, मोहम्मद शमी, रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी तो तीनों फॉर्मेट में खेले। जिसका खामियाजा टीम इंडिया को न्यूजीलैंड दौरे पर भुगतना पड़ा। टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली ने टी20 सीरीज तो 5-0 से जीती लेकिन वनडे व टेस्ट सीरीज में उसे क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। खुद कैप्टन कोहली तीनों सीरीज में फ्लॉप रहे। इसकी वजह कहीं ना कहीं ज्यादा क्रिकेट खेलने की थकान थी। न्यूजीलैंड पहुंचते ही विराट कोहली ने इसका जिक्र भी किया था, हालांकि उनके इस बयान की खूब आलोचना की गई थी।

ऑस्ट्रेलियाई कोच भी क्रिकेट बंद होने से खुश!
ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर (Justin Langer) भी कोरोना वायरस के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट बंद होने से बेहद खुश हैं। लैंगर के मुताबिक टीम पर ज्यादा क्रिकेट का प्रभाव पड़ रहा था। वो लगातार अपने खिलाड़ियों के शरीर को लेकर चिंता में थे। पिछले 6 महीनों में ऑस्ट्रेलिया ने 5 टेस्ट, 8 वनडे व 7 टी20 मैच खेले थे, साथ ही उसके खिलाड़ियों ने बिग बैश लीग में भी भाग लिया था। ऐसे में जब कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेट ठप हुआ तो लैंगर ने अपनी खुशी जता दी, उन्होंने इसे निर्वाण (दर्द से मुक्ति) करार दिया।

अब समझिए जस्टिन लैंगर का ये दर्द आखिर छलका क्यों है? ऑस्ट्रेलिया ने 1 जनवरी 2019 से लेकर अबतक कुल 54 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उसने 13 टेस्ट टेस्ट मैच खेले हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 30 वनडे व 11 टी20 मैचों में भी भाग लिया है।

दूसरी टीमों का भी यही हाल
सिर्फ हिंदुस्तान व ऑस्ट्रेलिया नहीं, संसार की दूसरी बड़ी टीमों ने भी अपने खिलाड़ियों को खेल के मैदान में झोंके रखा है। इंग्लैंड की बात करें तो उसने जनवरी 2019 से लेकर अबतक कुल 52 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भाग लिया। इंग्लैंड ने 15 टेस्ट, 25 वनडे व 12 टी20 मैच खेले।

साउथ अफ्रीका ने भी पिछले एक वर्ष में कुल 50 इंटरनेशनल मैच खेले जिसमें 11 टेस्ट, 25 वनडे व 14 टी20 मैच शामिल थे। न्यूजीलैंड ने कुल 53 मैच खेले जिसमें 11 टेस्ट, 23 वनडे व 17 टी20 मैच शामिल थे।

क्रिकेट बोर्ड व आईसीसी ने सारी हदें तोड़ी
टॉप टीमों के क्रिकेट बोर्ड व इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने के लिए इस खेल को पूरी तरह से कुचल कर रख दिया है। बीते एक वर्ष में जितनी तेजी से तीनों फॉर्मेट की सीरीज आयोजित की गई हैं वो बेहद ही दंग करने वाली है। आपको ये जानकर यकीन नहीं होगा कि जनवरी 2019 से लेकर आज तक कुल 37 टेस्ट सीरीज का आयोजन हुआ है। इसके अतिरिक्त वर्ल्ड कप समेत कुल 32 वनडे सीरीज भी आयोजित की गई हैं। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में 20 सीरीज का आयोजन किया गया है। इसके अतिरिक्त बीते एक वर्ष में खिलाड़ियों ने भारतीय प्रीमियर लीग, बिग बैश लीग, पाक सुपर लीग, इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट, बांग्लादेश प्रीमियर लीग, कैरेबियन प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट में भी भाग लिया है।

ज्यादा क्रिकेट खेलने के नुकसान
भले ही क्रिकेट बोर्ड व आईसीसी (ICC) ज्यादा से ज्यादा सीरीज व टूर्नामेंट्स आयोजित कर पैसा कमा रहे हैं लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं। अगर कोई टीम सीरीज खेलती है तो हर खिलाड़ी उसमें भाग लेना चाहेगा, नहीं तो दूसरा खिलाड़ी उसकी स्थान ले लेगा। ऐसे में ज्यादा क्रिकेट खेलने की वजह से खिलाड़ियों को चोट लगती है। या फिर वो मानसिक रूप से थकते हैं व इसका सीधा प्रभाव उनके प्रदर्शन पर पड़ता है। खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलेंगे तो टीम भी हारती हैं। ऐसे में यही वजह है कि कोरोना वायरस की वजह जो आकस्मित मिले ब्रेक से क्रिकेट खिलाड़ी व बड़े-बड़े कोच राहत की सांस ले रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो ये जायज भी लगता है।