KKR के सामने CSK के करिश्माई कप्तान धौनी, कौन बनेगा इस सीजन का चैंपियन

KKR के सामने CSK के करिश्माई कप्तान धौनी, कौन बनेगा इस सीजन का चैंपियन

महेंद्र सिंह धौनी की करिश्माई कप्तानी चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) का रक्षा कवच साबित हो सकेगी, जब शुक्रवार को आइपीएल के खिताबी मुकाबले में उसका सामना स्पिन तिकड़ी के दम पर फाइनल में पहुंची कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) से होगा। सीएसके हर बार धौनी की कप्तानी में ही आइपीएल खेली है और तीन बार चैंपियन बनी है। ऐसे में दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को दशहरा के दिन कैप्टन कूल की आतिशी पारी का भी इंतजार रहेगा, जो पीली जर्सी में शायद आखिरी बार देखने को मिलें। फाइनल तक पहुंचने की कला सीएसके से बेहतर कोई टीम नहीं जानती है। दूसरी ओर, केकेआर ने दोनों खिताब गौतम गंभीर की कप्तानी में जीते हैं। सीएसके के लिए चौथा खिताब जीतने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि वह केकेआर की स्पिन तिकड़ी वरुण चक्रवर्ती, शाकिब अल हसन और सुनील नरेन का सामना कैसे करती है। तीनों ने टूर्नामेंट में प्रति ओवर सात से कम की औसत से रन दिए हैं।

आंद्रे रसेल के हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर होने से शाकिब का आलराउंड प्रदर्शन केकेआर को संतुलन देता आया है। वैसे फाइनल मैच के अपने दबाव होते हैं और सामने धौनी जैसा कप्तान हो तो इन तीनों के लिए इस प्रदर्शन को दोहरा पाना आसान नहीं होगा। धौनी का सरल मंत्र है कि अनुभव पर भरोसा करो। उन्होंने रुतुराज गायकवाड़ का मार्गदर्शन किया, जब 2020 में क्वालीफिकेशन का दबाव उन पर नहीं था। रुतुराज इस सत्र में तीन अर्धशतक समेत 600 से ज्यादा रन बना चुके हैं। धौनी ने अपनी नेतृत्व क्षमता के दम पर अगले साल ही नहीं, बल्कि आने वाले कई सालों तक के लिए टीम की नींव मजबूत कर दी है। रुतुराज अगर सीएसके के अगले कप्तान बनते हैं तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी, चूंकि धौनी अगले साल या उसके बाद आइपीएल को अलविदा कहने का एलान कर सकते हैं। आइपीएल को धौनी से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। यही वजह है कि उनकी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करती आई है।

पिछले साल लीग चरण से बाहर होने वाली पहली टीम बनी सीएसके यादगार वापसी करके इस बार फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। उसके पास अनुभव की कमी नहीं है। धौनी 40 की उम्र पार कर चुके हैं, जबकि ड्वेन ब्रावो 38, फाफ डुप्लेसिस 37, अंबाती रायुडू और राबिन उथप्पा 36 वर्ष के हैं। मोइन अली और रवींद्र जडेजा भी 30 पार हैं। अपने संसाधनों का सही प्रयोग करने की कला में धौनी को महारत हासिल है। इस सत्र में सभी ने देखा कि धौनी के चहेते और आइपीएल के दिग्गज सुरेश रैना को भी टीम से बाहर बैठना पड़ा। बढ़े हुए वजन और खराब फार्म से जूझ रहे रैना की जगह उथप्पा ने ली और दिल्ली के खिलाफ टीम की जीत के सूत्रधार रहे।

दूसरी ओर केकेआर के पास विश्व कप विजेता कप्तान है, जिसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में इंग्लैंड टीम का कायाकल्प किया है। कई लोगों का मानना था कि मोर्गन की जगह रसेल को कप्तानी सौंपनी चाहिए, लेकिन मोर्गन पर टीम प्रबंधन ने भरोसा किया। उन्होंने शुभमन गिल से ही पारी की शुरुआत कराना जारी रखा और आखिर गिल के बल्ले से रन निकले। वेंकटेश अय्यर पर किए गए भरोसे का भी टीम को फायदा मिला है। मोर्गन भी धौनी की तरह जज्बात जाहिर नहीं करते, लिहाजा ऐसे में दोनों कप्तानों की क्रिकेट की समझ का भी यह मुकाबला होगा।

टीमें :

चेन्नई सुपरकिंग्स: महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), सुरेश रैना, अंबाती रायुडू, केएम आसिफ, दीपक चाहर, ड्वेन ब्रावो, फाफ डुप्लेसिस, इमरान ताहिर, एन जगदीसन, कर्ण शर्मा, लुंगी नगिदी, मिशेल सेंटनर, रवींद्र जडेजा, रुतुराज गायकवाड़ , शार्दुल ठाकुर, आर साई किशोर, मोइन अली, के गौतम, चेतेश्वर पुजारा, हरिशंकर रेड्डी, भगत वर्मा, सी हरि निशांत।

कोलकाता नाइटराइडर्स : इयोन मोर्गन (कप्तान), दिनेश कार्तिक, गुरकीरत सिंह मान, करुण नायर, नीतीश राणा, राहुल त्रिपाठी, शुभमन गिल, हरभजन सिंह, कमलेश नागरकोटी, लाकी फग्र्यूसन, पवन नेगी, एम प्रसिद्ध कृष्णा, संदीप वारियर, शिवम दुबे, टिम साउथी, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, आंद्रे रसेल, बेन कटिंग, शाकिब अल हसन, सुनील नरेन, वेंकटेश अय्यर, शेल्डन जैक्सन, टिम सीफर्ट।

सीएसके के आइपीएल फाइनल

साल, बनाम, विजेता

2008, राजस्थान रायल्स, राजस्थान रायल्स

2010, मुंबई इंडियंस, सीएसके

2011, आरसीबी, सीएसके

2012, केकेआर, केकेआर

2013, मुंबई इंडियंस, मुंबई इंडियंस

2015, मुंबई इंडियंस, मुंबई इंडियंस

2018, सनराइजर्स हैदराबाद, सीएसके

2019, मुंबई इंडियंस, मुंबई इंडियंस

केकेआर के आइपीएल फाइनल

साल, बनाम, विजेता

2012, सीएसके, केकेआर

2014, पंजाब किंग्स, केकेआर


विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

विसे की ताबड़तोड़ पारी से जीती नामिबिया, नीदरलैंड्स को छह विकेट से दी शिकस्त

नामिबिया ने डेविड विसे के ताबड़तोड़ अर्धशतक से बुधवार को यहां टी-20 विश्व कप के पहले दौर के ग्रुप-ए के मैच में अपने से ऊंची रैंकिंग की नीदरलैंड्स को छह गेंद रहते छह विकेट से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका के लिए भी टी-20 मैच खेल चुके विसे ने 40 गेंदों पर चार चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 66 रन बनाए। इसके चलते नामिबिया ने 19 ओवर में चार विकेट पर 166 रन बनाकर जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 164 रन का स्कोर बनाया था।


लक्ष्य का पीछा करते हुए नामिबिया ने नौ ओवर में 52 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन 36 साल के विसे ने अकेले दम पर नीदरलैंड्स को छह गेंद बाकी रहते हराने में मदद की। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी टीम के कप्तान पीटर सीलार पर छक्का लगाकर महज 29 गेंद में करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया।


उन्होंने कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (32) के साथ चौथे विकेट के लिए 51 गेंद में 93 रन की साझेदारी की। अंत में जेजे स्मिट ने आठ गेंद में नाबाद 14 रन बनाए। स्मिट ने 19वें ओवर की अंतिम दो गेंद पर दो चौके लगाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। पदार्पण कर रही नामिबिया की पहले दौर के मैच में यह पहली जीत थी।


इससे पहले नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज मैक्स ओडोड (70) ने लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ा और कोलिन एकरमैन (35) के साथ 82 रन की साझेदारी की। ओडोड की 57 गेंद की पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था। इस जीत से नामिबिया सुपर-12 चरण की दौड़ में बनी हुई है और पहले दौर के अंतिम मैच में उसे इसके लिए आयरलैंड को हराना होगा। वहीं, दो मैच हारने के बाद नीदरलैंड्स के अगले चरण में पहुंचने की संभावना काफी कम है।