Coronavirus: घर पर बैठे इस भारतीय खिलाड़ी ने कहा...

Coronavirus: घर पर बैठे इस भारतीय खिलाड़ी ने कहा...

नई दिल्ली: खतरनाक कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरी संसार में लॉकडाउन है तो इसके बारे में सोचकर मानसिक तनाव होने कि सम्भावना है व खिलाड़ी भी इससे इतर नहीं हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य मामला अब गंभीर विषय बन चुका है व हाल में ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने इस बारे में बात की कि कैसे युवाओं पर निगाह रखने की आवश्यकता है कि वे इन कठिन दशा से कैसे उबर रहे हैं। हिंदुस्तान में 21 दिन का लॉकडाउन है व पीटीआई ने कुछ मौजूदा व पूर्व क्रिकेटरों से बात की कि हमारे खिलाड़ी इससे निपटने में मानसिक रूप से मजबूत कैसे हैं। मनिंदर सिंह, मनोज तिवारी व इरफान पठान ने बताया कि कैसे हिंदुस्तान की पारिवारिक संरचना इस संकट से उबरने में मदद करती है जबकि दीप दासगुप्ता के विचार थोड़े अलग हैं जिनका मानना है कि यह रिश्तों की दिलचस्प इम्तिहान होगी।

मनोज तिवारी ने परिवार को बताया अहम
मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने कुछ पश्चिमी राष्ट्रों के साथ इस अंतर को समझाते हुए कहा, 'मेरा मानना है कि हिंदुस्तान की पारिवारिक संस्कृति ऐसी वस्तु है जो इस अनिश्चित दौर में हमें मानसिक दबाव से निपटने में मदद करेगी। मैं लगातार यात्रा करता हूं व अब मुझे अपने बेटे को हर रोज दोपहर का खाना खिलाना होता है। यह मेरे लिये पूरी तरह से नया अनुभव है लेकिन बहुत ज्यादा अहम है। '

34 वर्ष के मनोज ने कहा, 'आप शायद संसार के कुछ राष्ट्रों के 21 वर्ष के खिलाड़ी को अकेले रहते हुए देखोगे। वह आईपीएल में खेलता है, पार्टी करता व ज़िंदगी का आनंद लेता है, व फिर ऐसा ही कुछ हो जाता है। तो आप अकेले हैं व आकस्मित सारी निगेटिव चीजें आपके दिमाग में आने लग जाती हैं। व जैसा कि बोला जाता है खाली दिमाग शैतान का घर होता है। '

दीप दासगुप्ता की राय अलग
दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) हालांकि इतने निश्चित नहीं है उन्होंने बोला कि आने वाले दिन दिलचस्प मुद्दे सामने लेकर आयेंगे। उन्होंने कहा, 'ये 21 दिन रिश्तों की इम्तिहान होगी। हर कोई बेहतर समय बिताने के बारे में बात कर रहा है लेकिन बेहतर समय क्या है। हम अपनी जिंदगियों में व्यस्त हैं व इसी बीच में हमें जो समय मिलता है, उसे हम बेहतर समय कहते हैं। ' उन्होंने कहा, 'लेकिन अब यह सामान्य हो गया है, हम चौबीसों घंटे ऐसा कर रहे हैं, लेकिन सवाल है कि हम कैसे निकलते हैं क्योंकि हमारे परिवार वाले भी इसी अनुभव से गुजर रहे हैं। '

इरफान पठान बोले-परिवार देता है मजबूती
इरफान पठान ने बोला कि कठिन वक्त में परिवार का साथ होना आपको मजबूती देता है। उन्होंने कहा, 'परिवार हमेशा आपके साथ होता है क्योंकि वे आपको बहुत प्यार करते हैं व ऐसा नहीं है कि जब आप खेल के शिखर पर हों, तभी वे आपके साथ होंगे। अन्य राष्ट्रों के खिलाड़ियों की तुलना में हमारे पास यह पारिवारिक साथ होता है। मेरे घर में मेरा बड़ा भाई, उसका परिवार, मेरा परिवार, मेरे माता पिता, सभी इसके लिये हैं। कार्य समाप्त करके आप अपने परिवार के पास आते हो। '