दिल की बीमारियों को रोकने में सहायक होती है डार्क चॉकलेट

दिल की बीमारियों को रोकने में सहायक होती है डार्क चॉकलेट

चॉकलेट सभी को पसंद आती है। ऐसे में अगर आप डार्क चॉकलेट पसंद करती हैं तो स्वाद व स्वास्थ्य दोनों बनाए रख सकती हैं। एक नयी स्टडी में यह बात सामने आई है कि डार्क चॉकलेट खाने से स्ट्रेस व शरीर में होने वाली जलन में कमी आती है। बता दें, डार्क चॉकलेट में ककाओ की मात्रा ज्यादा होती है व यह फ्लेवेनॉएड्स का अच्छा स्रोत है।

इसके अतिरिक्तडार्क चॉकलेट कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है जो आपकी स्वास्थ्य बनाए रखने का कार्य करते हैं। डार्क चॉकलेट ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है। डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला पोटैशियम व कॉपर स्ट्रोक व दिल की बीमारियों को रोकने में सहायक हैं।

दिल के लिए अच्छी है
शोध दर्शाते हैं कि डार्क चॉकलेट को थोड़ी-थोड़ी क्वांटिटी में सप्ताह में दो बार लिया जाए तो बीपी कम करने में सहायता मिलती है। डार्क चॉकलेट ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती है व ब्लड क्लॉट्स जमने से रोकने में हेल्प करती है। डार्क चॉकलेट खाने से आर्टीरियोस्केलेरॉसिस (आर्ट्रीज का सख्त होना) को भी रोकने में मदद मिलती है।

आपके मस्तिष्क को रखती है हेल्दी
डार्क चॉकलेट हार्ट के साथ-साथ मस्तिष्क में भी खून का दौरा बेहतर बनाती है। डार्क चॉकलेट से स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायता मिलती है व खुशी का अहसास बढ़ता है।

ब्लड ग्लूकोस को करती है कंट्रोल
डार्क चॉकलेट आपकी आर्ट्रीज को हेल्दी बनाए रखती है व खून का दौरा ठीक रहने से टाइप-2 डायबिटीज की संभावना कम हो जाती है। डार्क चॉकलेट का ग्लाइसीमिक इन्डेक्स भी कम होता है यानी इसे खाने से खून में आकस्मित ग्लूकोस की मात्रा नहीं बढ़ती।

कैविटी का खतरा कम करती है
डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमीन होता है, जो आपके दांतों के इनैमेल को मजबूत बनाता है। यानी अन्य मीठे फूड आइटम्स के जिस तरह से आपके दातों को नुकसान पहुंचाते हैं, उसके उलट डार्क चॉकलेट खाने पर आपको कैविटी होने का खतरा नहीं रहता।