धोखाधड़ी केस के मुख्य आरोपी व हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने धमकी दी ये

धोखाधड़ी केस के मुख्य आरोपी व हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने धमकी दी ये

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 9100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी केस के मुख्य आरोपी व हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने धमकी दी है कि अगर उसे प्रत्यर्पित कर हिंदुस्तान भेजा गया तो वह आत्महत्या कर लेगा. बुधवार (06 नवंबर) को लंदन की वेस्टमिंस्टर न्यायालय में मोदी की पेशी हुई थी. न्यायालय में ही नीरव मोदी ने अपना आपा खोते हुए बोला कि अगर उसे हिंदुस्तान भेजा गया तो वह खुदकुशी कर लेगा. इसका न्यायालय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा व न्यायालय ने पांचवीं बार उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी. इस दौरान नीरव मोदी के एडवोकेट कीथ क्यूसी ने न्यायालय में दावा किया कि उसके मुवक्किल को वेंड्सवर्थ कारागार में दो बार पीटा गया है.

कोर्ट के रुख से नीरव मोदी को तगड़ा झटका लगा है. नीरव ने मुचलके के तौर पर 40 लाख पाउंड की भारी धनराशि का भुगतान करने के साथ ही संदिग्ध आतंकियों के समान निगरानी में रखे जाने की पेशकश की थी लेकिन न्यायालय ने उसकी दलील को अनसुना कर दिया । नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े दो अरब डॉलर के धोखाधड़ी व धनशोधन मुद्दे में हिंदुस्तान को प्रर्त्यिपत किए जाने के विरूद्ध मुकदमा लड़ रहा है.

इसी न्यायालय में पिछली पेशी की तुलना में नीरव इस बार तंदुरूस्त लग रहा था. उसने सफेद रंग की कमीज व नीले रंग का स्वेटर पहन रखा था व वह बहुत ही स्मार्ट लग रहा था. सुनवाई के बाद वापस उसे वैंड्सवर्थ कारागार भेज दिया गया. अब चार दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसी न्यायालय में उसकी पेशी होगी. न्यायाधीश एम्मा अर्बथनॉट ने बोला कि ‘‘अतीत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में क्या होने कि सम्भावना है.’’ न्यायाधीश ने बोला कि वह अब भी नहीं मानती हैं कि वह सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा व मई 2020 में मुकदमे के दौरान न्यायालय के सामने सेरेण्डर कर देगा.

न्यायाधीश ने बोला कि नीरव ने खुद माना है कि वह ‘‘अवसाद’’ में है व यह ऐसी वजह नहीं है कि वह जमानत से इंकार के पुराने आदेश को बदल दें. न्यायाधीश ने नीरव मोदी की नई जमानत याचिका के बारे में पिछले महीने भारतीय मीडिया को खबरें लीक करने की भी आलोचना की. खबरों में सीक्रेट चिकित्सा रिपोर्ट के जरिए उसकी मानसिक स्थिति के बारे में बताया गया था. जज ने बोला कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट लीक हुई । ऐसा नहीं होना चाहिए. इससे न्यायालय के प्रति भरोसा घटेगा.

भारत सरकार की ओर से क्राउन प्रोसिक्यूशन र्सिवस (सीपीएस) के लिए पेश जेम्स लेविस ने जोर दिया कि इस तरह की ‘लीक’ अफसोसजनक है, लेकिन यह हिंदुस्तान की ओर से नहीं हुआ. उन्होंने जमानत याचिका को इस आधार पर चुनौती दी कि पूर्व के तीन मौके की तरह इस बार भी हालात में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है व नीरव का इरादा ब्रिटेन से भागने का है. नीरव के एडवोकेट हूगो कीथ ने पूर्व में 20 लाख पाउंड मुचलके की स्थान 40 लाख पाउंड देने व इलेक्ट्रॉनिक टैगिंग के साथ लगातार निगरानी की पेशकश की. मोदी 19 मार्च को गिरफ्तारी के बाद दक्षिण-पश्चिम लंदन की वैंड्सवर्थ कारागार में है. हिंदुस्तान सरकार के अनुरोध पर स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन पुलिस) ने प्रत्यर्पण वारंट की तामील करते हुए उसे हिरासत में लिया था.