पुलों से एक-एक किमी के दायरे में लगी खनन पर शासन ने लगाई रोक

पुलों से एक-एक किमी के दायरे में लगी खनन पर शासन ने लगाई रोक

शासन ने प्रदेश भर में नदी क्षेत्र के दोनों ओर पुलों से एक-एक किमी के दायरे में लगी खनन पर रोक हटा ली है. प्रतिबंध हटने के साथ ही इस क्षेत्र में बंद पड़े खनन के पट्टे खुल गए हैं. ये निर्णय उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में लिया गया है. इस विषय में संयुक्त सचिव औद्योगिक विकास एनएस डुंगरियाल ने शासनादेश जारी कर दिया है.

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अरविंद कुमार बनाम उत्तराखंड प्रदेश और अन्य के मुद्दे में 17 अक्तूबर 2016 को प्रदेश भर में नदी क्षेत्र के एक किमी डाउन स्ट्रीम व एक किमी अपस्ट्रीम में खनन काम पर प्रतिबंध लगा दिया था.

इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए गए थे कि वे रोक की कार्रवाई को सुनिश्चित करें. कोर्ट के इस निर्णय के बाद से सारे प्रदेश में खनन के पट्टे बंद हो गए थे. हाई कोर्ट के आदेश को आशीष सहगल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका दायर कर चुनौती दी थी.

उनकी याचिका पर तीन जुलाई 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने नदी क्षेत्र के दोनों ओर खनन पर लगे प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था, लेकिन कोर्ट के इस निर्णय के बाद भी रोक बनी रही. शुक्रवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह व अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने नदी क्षेत्र में पुलों के आसपास पट्टों पर लगी रोक के विषय में मीटिंग हुई. इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से चर्चा के बाद विभाग को आदेश दिए.

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नदी क्षेत्र के दोनों ओर पुल के आसपास खनन न होने से कई पट्टे बंद हैं. इससे खनन से होने वाले राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. सरकार ने इस वित्तीय साल में राजस्व का जो लक्ष्य तय किया था, उससे अभी वो थोड़ा दूर है.