सक्रिय उग्रवादी समूह बारूदी सुरंगों को उड़ाने के लिए आधुनिक ब्‍लूटूथ  व वाई-फाई टेक्‍नोलॉजी का कर रही है इस्‍तेमाल

सक्रिय उग्रवादी समूह बारूदी सुरंगों को उड़ाने के लिए आधुनिक ब्‍लूटूथ  व वाई-फाई टेक्‍नोलॉजी का कर रही है  इस्‍तेमाल

क्‍या पूर्वोत्‍तर में सक्रिय उग्रवादी समूह बारूदी सुरंगों को उड़ाने के लिए आधुनिक ब्‍लूटूथ (Bluetooth) व वाई-फाई (Wifi) टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कर रहे हैं? खुफिया सूत्रों के मुताबिक म्‍यांमार में सक्रिय उग्रवादी समूह अराकान आर्मी वहां की सेना के विरूद्ध इस तरह की टेक्‍नोलॉजी का उपयोग कर रही है। इससे भारतीय सुरक्षा एजेंसियां खासा चिंतित हैं।

अराकान आर्मी ने मिजोरम के लॉनटाला जिले से सटे सीमावर्ती इलाकों में कई कैंप बनाए हैं। इससे कलादान प्रोजेक्‍ट को खतरा उत्‍पन्‍न हो गया है। कलादान प्रोजेक्‍ट दरअसल मल्‍टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्‍ट है जिसको हिंदुस्तान के दक्षिण-पूर्व एशिया में गेटवे के रूप में देखा जा रहे है।

ये उग्रवादी समूह मिजोरम में भी सक्रिय हैं। इन वजहों से चिंतित भारतीय सुरक्षा एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिशें कर रही हैं कि क्‍या इनके पास इस तरह की टेक्‍नोलॉजी उपलब्‍ध है? इस विषय में एक ऑफिसर ने कहा, ''हमने असम राइफल्‍स से बोला है कि वे पता लगाएं कि क्‍या उग्रवादी समूह बारूदी सुरंगों को उड़ाने में ब्‍लूटूथ टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ''