आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपने इस आतंकवादी ठिकाने को फिर से किया जिंदा

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपने इस आतंकवादी ठिकाने को फिर से किया जिंदा

पाकिस्तान के जिस बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ठिकाने को भारतीय वायुसेना ने नेस्तनाबूत किया था, अब वहां फिर से आतंकवादी गतिविधि के प्रारम्भ होने की समाचार है. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने बालाकोट स्थित अपने उस आतंकवादी ठिकाने को फिर से जिंदा कर लिया है, जहां करीब सात महीने पहले भारतीय वायुसेना ने बालाकोट एयर हड़ताल कर आतंकवादी कैंप को तबाह कर दिया था. भारतीय वायु सेना द्वारा पाक के बालाकोट में जैश के आतंकी कैंप पर हड़ताल के लगभग सात महीने बाद आतंकवादी संगठन ने उस परिसर को पुनर्जीवित कर दिया है, जहां वह 40 जिहादियों को जम्मू और कश्मीर व अन्य जगहों पर हमले करने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है.

Image result for आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपने इस आतंकवादी ठिकाने को फिर से किया जिंदा

बताया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर से हिंदुस्तान सरकार द्वारा आर्टिकल 370 को हटाए जाने के निर्णय के बाद बौखलाए पाक हिंदुस्तान में आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देने के लिए जैश का सहारा ले रहा है. पाक के आशीर्वाद से जैश ने अपने उस आतंकवादी ठिकानो को फिर से जिंदा कर लिया है, जहां करीब 40 आतंकियों को हिंदुस्तान में आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. बता दें कि अगस्त के पहले हफ्ते में हिंदुस्तान सरकार ने जम्मू और कश्मीर को कश्मीर व लद्दाख के रूप में दो केन्द्र शासित प्रदेशों में बांट दिया.

माना जा रहा है कि पाक ने 5 अगस्त को जम्मू और कश्मीर पर हिंदुस्तान सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के बाद उन आतंकवादी संगठनों पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दे दी, जो हिंदुस्तान को टारगेट करना चाहते हैं. संयुक्त देश महासभा की मीटिंग से पहले पाक हिंदुस्तान में आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में है, ताकि कश्मीर मसले पर एक बार फिर से वह संसार का ध्यान भटका सके. बता दें कि संयुक्त देश में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का भी संबोधन होना है.

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानें ने पाक के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी कैंप पर बमबारी की थी व कैंप को तबाह कर दिया था. हालांकि, पाक इससे मना करता रहा है. मगर हिंदुस्तान सरकार ने इसके सबूत भी दिए. दरअसल, 14 फरवरी को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला कर दिया था, जिसमें करीब 40 से अधिक जवान शहीद हो गए थे. इसी के जवाब में हिंदुस्तान ने एयर हड़ताल कर पाक समर्थित आतंकी संगठन जैश की कमर तोड़ी थी. इसके बाद हिंदुस्तान व पाक के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

भारतीय आतंकवाद रोधी ऑपरेटिब्स के अनुसार, पुलवामा हमले के बाद भारत-विरोधी आतंकवादी समूहों को पाक द्वारा लो प्रोफाइल कर दिया गया था, जिसे 5 अगस्त के बाद जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर ने रावलपिंडी में आईएसआई के अपने हैंडलर्स से मिलने के बाद फिर से सक्रिय कर दिया था, ताकि कश्मीर पर भारतीय कदम पर जिहादी रिएक्शन जाहीर की जा सके.

बताया जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर पर हिंदुस्तान सरकार के निर्णय केबाद ही पाक में आतंकवादी संगठनों की मीटिंग भी हुई है. इंटेलिजेंस इनपुट की मानें तो जैश-ए-मोहम्मद न सिर्फ जम्मू और कश्मीर पर टारगेट कर सकता है, बल्कि गुजरात व महाराष्ट्र को भी निशाना बना सकता है. इसके लिए वह नए नाम का भी सहारा ले सकता है ताकि अंतर्राष्ट्रीय जाँच से बच सके. पाक स्थित आतंकी समूहों को कश्मीरी मूल के आतंकियों का उपयोग करने के लिए बोला गया है व इस संदर्भ में, मुश्ताक ज़रगर उर्फ ​​लटरम के नेतृत्व वाले अल उमरार मुजाहिदीन जैसे निष्क्रिय समूहों को भी पुनर्जीवित किया जा रहा है.

भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए एयर हड़ताल के बाद पहली बार जिहाद प्रशिक्षण के लिए बालाकोट के ठिकानों के साथ मनशेरा, गुलपुर व कोटली के आतंकवादी शिविरों में आतंकवादी समूह द्वारा रिफ्रेशर कोर्स प्रारम्भ किए गए हैं. भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने बालाकोट ठिकानों के दोबारा चालू किए जाने की पुष्टि की है व सरकार के उच्चतम स्तरों को सूचित किया है .