शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की मीटिंग बुलाई

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की मीटिंग बुलाई

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर उत्पन्न अड़चनों के बीच प्रदेश के भाजपा नेता गवर्नर भगत सिंह कोशियारी से गुरुवार को मुलाकात करेंगे. भाजपा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल करेंगे. मालूम हो कि महाराष्ट्र में सरकार के गठन के लिए दो दिन का समय शेष रह गया है. इस वजह से सरकार के गठन के लिए सियासी हलचल भी तेज हो गई है.Image result for इस वजह से सरकार के गठन के लिए सियासी हलचल भी तेज हो गई

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी अपने विधायकों की मीटिंग बुलाई है व जिसमें प्रदेश में सरकार गठन को लेकर चर्चा होगी. वहीं, बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बोला कि सहयोगी दलों के बीच प्रारम्भ हुई बैक-चैनल बातचीत हल निकाल सकती है. शिवसेना व बीजेपी के बीच बैक-चैनल बातचीत दो मध्यस्थों के माध्यम से हो रही है जोकि दोनों दलों के नजदीकी हैं. उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें सरकार में शामिल होने के लिए बोला है क्योंकि हमारे पास गठबंधन के लिए स्पष्ट जनादेश है. मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 फॉर्मूले को लेकर दिल्ली नेतृत्व के साथ छह-सात महीनों में चर्चा की जा सकती है. मौजूदा समय में हमारा शीर्ष नेतृत्व इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.'

नेता ने बोला कि भाजपा ने शिवसेना को अवगत कराया था कि यदि वे अभी के लिए मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी जिद छोड़ दें तो वे कुछ जरूरी विभागों सहित मंत्री पद के बराबर बंटवारे की मांग पर विचार करेंगे. उन्होंने बोला कि अगर पूरी तरह से बहुमत नहीं होता है तो फिर सरकार बनाने का दावा भाजपा नहीं करेगी.

वहीं, इससे पहले बुधवार को शिवसेना के सांसद संजय राउत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी. दोनों के बीच करीब आधे घंटे वार्ता हुई. इस मीटिंग के बाद शरद पवार ने बोला कि उनकी पार्टी को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है व वे इसी के अनुरूप कार्य करेंगे. उन्होंने बोला कि संजय राउत नियमित रूप से उनसे मिलते हैं व सरकार बनाने के लिए शिवसेना की ओर से कोई प्रस्ताव उन्हें नहीं मिला है. साथ ही उन्होंने यह भी बोला कि राउत ने उन्हें 170 विधायकों की एक सूची दिखाई है, जो शिवसेना का समर्थन कर रहे हैं. मगर, यह आंकड़ा उनके पास कहां से आया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

राष्ट्रपति शासन लगा तो हम जिम्मेदार नहीं: राउत

दिनभर के घटनाक्रम के बाद बुधवार शाम को शिवसेना नेता संजय राउत ने बोला था कि उनकी पार्टी ढाई-ढाई वर्ष के लिए सीएम पद के फार्मूले पर अडिग है. अगर समय पर सरकार का गठन न होने से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगता है तो उसके लिए शिवसेना जिम्मेदार नहीं होगी.