सऊदी: युवती ने अपने मंगेतर से रखी यह शर्त, बोली- देनी होगी ड्राइविंग जॉब की छूट

सऊदी: युवती ने अपने मंगेतर से रखी यह शर्त, बोली- देनी होगी ड्राइविंग जॉब की छूट

सऊदी में सेल्स मैन का कार्य करने वाला मज्द अपनी विवाह की तैयारियों में जुटा था कि मंगेतर ने एक अनोखी शर्त उसके सामने रख दी. युवती की मांग थी कि मज्द विवाहके बाद उसे ड्राइविंग व जॉब करने की अनुमति देगा. विवाह के बाद मज्द उसकी मांग को नजरंदाज न कर सके, इसके लिए उसने बाकायदा मैरिज कांट्रेक्ट भी साइन करवाया है.

पिछले वर्ष स्त्रियों को मिली थी ड्राइविंग की छूट
सऊदी अरब में दशकों की पाबंदी के बाद स्त्रियों को ड्राइविंग करने का अधिकार मिल चुका है. जून 2018 में इस्लामिक देश की महिलाएं पहली बारवाहन चलाते हुए नजर आईं थीं.


पाबंदी हटने के बाद बड़ी संख्या में सऊदी स्त्रियों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अर्जियां दी थीं. धीरे-धीरे सड़कों पर वाहन चलाने वाली स्त्रियों की संख्या बढ़ रही है. यहां महिलाएं सिर्फ सामान्य ड्राइविंग ही नहीं कर रही हैं, बल्कि उनके अंदर गति व स्टंट का जुनून भी देखने को मिल रहा है.

शादी से पहले कांट्रेक्ट का चलन बढ़ा
इस इस्लामिक देश में विवाह से पहले कांट्रेक्ट करने का चलन बढ़ा है. विवाह के बाद किसी टकराव से बचने के लिए युवतियां मैरिज कांट्रेक्ट कर रही हैं. एक युवती ने मंगेतर से करार किया था कि वह कभी दूसरा शादी नहीं करेगा. हालांकि, इस कांट्रेक्ट को औनलाइन करने से युवती को आलोचनाभी झेलनी पड़ी थीं.


मौलवी अब्दुलमोहसन अल-अजेमी का बोलना है कि कुछ युवतियां ड्राइविंग की मांग को लेकर कांट्रेक्ट कर रही हैं. करार होने से पति व ससुराल पक्ष के लोग पाबंद हो जाते हैं कि वे उसकी बात को दरकिनार नहीं करेंगे. अगर विवाह के बाद वे अपनी बात से पीछे हटते हैं तो महिला इसे आधार बनाकर अपने पति से तलाक भी ले सकती है.


एक युवती ने विवाह के दौरान अपने पति से सिगरेट की लत छोड़ने का वायदा लिया था तो एक मुद्दे में युवती ने मंगेतर के सामने शर्त रखी कि विवाह के बाद उसकी तनख्वाह पर उसका कोई अधिकार नहीं होगा. एक युवती ने मंगेतर के सामने शर्त रखी थी कि विवाह के पहले वर्ष में वह गर्भ धारण नहीं करेगी.


सूत्रों का बोलना है कि इस्लामिक राष्ट्रों में महिला की आवाज को विवाह के बाद अक्सर दबाने के मुद्दे सामने आते रहते हैं. इस वजह से अब विवाह से पहले ही युवती का अपने पति से मनमुताबिक करार करने का चलन बढ़ रहा है. यह इस बात की गारंटी होता है कि विवाह के बाद पति उसकी बात को दरिकनार नहीं करेगा.