संजय बांगड़ खुद को हटाए जाने के बीसीसीआई (BCCI) के निर्णय से बेहद निराश

संजय बांगड़  खुद को हटाए जाने के बीसीसीआई (BCCI) के निर्णय से बेहद निराश

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व बैटिंग कोच (Batting Coach) संजय बांगड़ (Sanjay Bangar) खुद को हटाए जाने के बीसीसीआई (BCCI) के निर्णय से बेहद निराश हैं। वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (World Cup Semifinal) में हिंदुस्तान की पराजय के बाद से ही संजय बांगड़ बीसीसीआई के निशाने पर थे व वेस्टइंडीज दौरे के बाद अब उनकी स्थान विक्रम राठौड़ को नया बल्लेबाजी कोच बना दिया गया है। जबकि फील्डिंग कोच आर। श्रीधर व गेंदबाजी कोच भरत अरुण का कार्यकाल 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। बांगड़ अब टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का भाग नहीं हैं, लेकिन वे अपने पांच वर्ष के कार्यकाल को खुशनुमा अंदाज में याद करते हैं।



बस वर्ल्ड कप जीतना बाकी रह गया
संजय बांगड़ (Sanjay Bangar) ने बोला कि उनके कोचिंग स्टाफ में रहते हुए टीम इंडिया ने हर प्रारूप में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, लेकिन अब वर्ल्ड कप ही ऐसा खिताब रहा जो टीम नहीं जीत सकी। टाइम्स ऑफ इंडिया से विशेष वार्ता में संजय बांगड़ ने बोला कि 2014 के बाद से भारतीय टीम लगातार तीन वर्ष तक टेस्ट में नंबर एक बनी रही। हमने जो 52 टेस्ट खेले, उनमें से 30 में जीत हासिल की। इनमें 13 मुकाबले विदेश में जीते गए। हमने सभी राष्ट्रों में खेले गए वनडे मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। बस हम वर्ल्ड कप नहीं जीत सके।

चौथे नंबर को लेकर ये कहे बांगड़

इस मामले पर संजय बांगड़ ने बोला कि चौथे नंबर के बल्लेबाज को लेकर किए गए निर्णय में टीम मैनेजमेंट व चयनकर्ताओं भी शामिल थे। इस नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन मौजूदा फॉर्म व फिटनेस जैसे आकलन के बाद किया गया। बांगड़ का संकेत सीधे तौर पर मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की अगुआई वाली चयन समिति व हेड कोच रवि शास्‍त्री की मौजूदगी वाला टीम प्रबंधन की ओर था। बांगड़ ने साथ ही बोला कि खिलाड़ी का चयन करते हुए यह भी देखा गया कि वह खिलाड़ी दाएं हाथ का है या बाएं हाथ का या फिर गेंदबाजी कर सकता है या नहीं। अपने कार्य करने के ढंग के बारे में बांगड़ ने बोला कि मेरा फोकस तकनीक पर अधिक रहता है। ऐसे में जब भी आप गलत शॉट खेलकर आउट हो रहे हों तो तकनीक पर फिर से विचार करने की आवश्यकता होती है।

रवि शास्‍त्री का शुक्रिया

संजय बांगड़ (Sanjay Bangar) ने आगे बोला कि मैं स्वाभाविक रूप से निराश हूं, लेकिन मैं बीसीसीआई, सभी कोचों डंकन फ्लेचर, अनिल कुंबले (Anil Kumble) व रवि शास्‍त्री (Ravi Shastri) का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका दिया। अब जो ब्रेक मिला है, उससे मुझे तरोताजा होकर नयी आरंभ करने में मदद मिलेगी। बांगड़ को चौथे नंबर के बल्लेबाज की तलाश न कर पाने का खामियाजा भुगतना पड़ा, जिसकी वजह से टीम इंडिया ने इस क्रम पर कई बल्लेबाजों को आजमाया व उसे निराशा ही हाथ लगी।