तबरेज अंसारी की लिंचिंग मुद्दे में पुलिस ने सभी 13 आरोपियों के विरूद्ध मर्डर का हटा दिया आरोप

तबरेज अंसारी की लिंचिंग मुद्दे में पुलिस ने सभी 13 आरोपियों के विरूद्ध मर्डर का हटा दिया आरोप

तबरेज अंसारी की लिंचिंग मुद्दे में पुलिस ने सभी 13 आरोपियों के विरूद्ध मर्डर का आरोप हटा दिया है. झारखंड के सरायकेला-खरसावां में तबरेज अंसारी नाम के एक मुस्लिम युवक की मॉब लिंचिंग (भीड हत्या) मुद्दे में आरोपियों के विरूद्ध लगे मर्डर के आरोप (आईपीसी की धारा 302) को धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में तब्दील कर दिया गया है. इस पर मृतक तबरेज की बीवी की रिएक्शन सामने आई है. साथ ही तबरेज की बीवी परवीन ने इस मुद्दे की CBI जाँच की मांग की है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तबरेज अंसारी की बीवी एस परवीन ने बोला कि मेरे पति की भीड़ ने पीट कर मर्डर की थी. पहले यह केस धारा 302 (हत्या) के तहत दर्ज था, मगर बाद में प्रशासन के असर में इसे धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में तब्दील कर दिया गया. दोषियों को बचाने की प्रयास हो रही है, CBI को मुद्दे की जाँच करनी चाहिए.

सरायकेला खरसावां जिला के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने कहा, ''हमने संबद्ध अधिकारियों की राय लेने के बाद आईपीसी की धारा 302 को 304 में तब्दील कर दिया है. संबद्ध ऑफिसर भी तबरेज अंसारी की लिंचिंग (भीड़ हत्या) के चलते मृत्यु होने के बारे में किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए थे. उन्होंने बताया कि अरैस्ट किये गए 13 लोगों में से दो लोगों के विरूद्ध आरोपपत्र एक लोकल न्यायालय में दाखिल किया गया व जल्द ही 11 आरोपियों के विरूद्ध जाँच पूरी की जाएगी.

गौरतलब है कि धारा 302 के तहत सज़ा-ए-मौत या आजीवन कारावास व जुर्माना का प्रावधान है, वहीं धारा 304 के तहत आजीवन कारावास या 10 वर्ष की कैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. चिकित्सकों ने शुरूआत में दावा किया था कि तबरेज की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई. तबरेज (24) की मृत्यु के सिलसिले में 13 लोगों को हिरासत में लिया गया था. उसकी(तबरेज की) भीड़ ने चोरी के आरोप में पिटाई की थी.

सोशल मीडिया पर आए इस घटना के वीडियो में अंसारी को एक खंभे से बांध कर पिटाई करते देखा गया. उस पर हमला करने वाले लोग जय श्री राम व जय हनुमान के नारे लगा रहे थे. इस घटना को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए व लोगों में बहुत ज्यादा रोष था. गौरतलब है कि 17 जून की रात तबरेज व दो अन्य लोगों पर एक गांव में एक मकान में चोरी के इरादे से घुसने का आरोप लगाया गया. इसके बाद, मकान में रहने वाले लोगों ने शोर मचाया व ग्रामीणों ने तबरेज को पकड़ लिया तथा उसकी पिटाई की.

घटना की प्रातः काल पुलिस मौके पर पहुंची व ग्रामीणों की शिकायत पर तबरेज को कारागार ले गई. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लेकिन चोटों के चलते उसकी तबियत बिगड़ने पर उसी दिन उसे सदर अस्पताल ले जाया गया. बाद में उसे जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां उसे 22 जून को मृत घोषित कर दिया गया. घटना की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया व कर्तव्य में लापरवाही बरतने को लेकर दो पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया.