हिंदुस्तान को इतने रन से करना पड़ा पराजय का सामना

हिंदुस्तान को इतने रन से करना पड़ा पराजय का सामना

न्यूजीलैंड के विरूद्ध आईसीसी वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में हिंदुस्तान को 18 रन से पराजय का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर फैंस के साथ-साथ दिग्गजों ने महेंद्र सिंह धोनी के बैटिंग नंबर को भी पराजय का एक कारण माना है। बेहद दबाव की स्थिति में भी धोनी सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे। कमेंट्री कर रहे सौरव गांगुली व वीवीएस लक्ष्मण ने इसपर ऐतराज जताया था।

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मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट कोहली ने इस बात पर सफाई दी थी कि आखिर क्यों धोनी सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। कोहली ने कहा, 'शुरुआती कुछ मैचों के बाद यह प्लान किया गया था कि धोनी निचले ऑर्डर के बल्लेबाजों के साथ खेलेंगे। आज उन्होंने जडेजा के साथ अच्छी बल्लेबाजी की। टीम में ठीक बैलेंस होने की आवश्यकता है। अगर एक खिलाड़ी हिट कर रहा है तो दूसरे को विकेट बचा कर खेलने की आवश्यकता होती है। ' धोनी ने इस मैच में 72 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी साथ ही जडेजा के साथ सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी की थी।

न्यूजीलैंड के विरूद्ध इस अहम मैच में टीम इंडिया ने 24 रन के स्‍कोर पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद माना जा रहा था कि पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी बल्‍लेबाजी के लिए आएंगे लेकिन हार्दिक पंड्या क्रीज पर आए। इसे देखकर लोग दंग रह गए। कई जानकारों ने भी सवाल उठाए कि धोनी बल्‍लेबाजी के लिए क्‍यों नहीं आए। कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय कप्‍तान सौरव गांगुली ने भी धोनी के नहीं आने पर सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा, 'एमएस धोनी क्‍यों नहीं। यह समझ से परे। इंडिया जब दबाव में हैं तब भी वह बल्‍लेबाजी के लिए नहीं आए। यह बात नहीं मानी जा सकती। ' कमेंटेटर व क्रिकेट एक्‍सपर्ट हर्षा भोगले ने पूछा कि धोनी चोटिल तो नहीं हैं। उन्‍होंने ट्वीट किया, 'धोनी? चोटिल हैं? नहीं तो उन्‍हें क्रीज पर होना चाहिए था।'