अमेरिकी: कैद में रखी गई नवजात बच्ची की हुई मौत, मां बोली- मैं चाहती हूं कि

अमेरिकी: कैद में रखी गई नवजात बच्ची की हुई मौत, मां बोली- मैं चाहती हूं कि

ग्वाटेमाला की रहने वाली महिला ने बुधवार को नवजात बेटी की मृत्यु के बाद अमेरिका के शरणार्थी हिरासत केंद्रों की क्रूरता की नींदा की. अमेरिकी प्रवासन अधिकारियों द्वारा पकड़े जाने के बाद महिला की बेटी की मृत्यु हो गई थी.

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हिरासत में लिए गए शरणार्थियों की बेकार स्थिति को लेकर हो रही कांग्रेस पार्टी की सुनवाई में यजमिन जौरेज ने बोला कि बच्चों को पिंजड़ों में कैद कर रखा जाता है. मैं चाहती हूं किदुनिया अमेरिका की बेदिली देखे.

  1. सुनवाई से पहले जौरेज ने आव्रजन व सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग को लेकर बोला कि अगर आज मैं कुछ बदल सकती हूं यायह बताकर कोई परिवर्तन ला सकती हूं कि आईसीई के जेल में शरणार्थियों के साथ कितना बुरा व्यवहार होता है. यह बिल्कुल अनुचित है.

  2. जौरेज ने कहा- वह पिछले वर्ष अपनी 19 माहकी बेटी के साथ अमेरिका भाग गई थीं. क्योंकि, ग्वाटेमाला में उन्हेंजान का खतरा था.उन्होंने अमेरिकी सीमा पार कर शरण मांगी.लेकिन, आव्रजन अधिकारियों ने पकड़कर उन्हेंजमा देने वाले ढंडे पिंजरे में डाल दिया. इसके बाद उन्हें आईसीई हिरासत केन्द्र ले जाया गया. जहां उनकी बेटी बीमार हो गई.

  3. जौरेज ने कहा, ‘‘मैंने डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ से बेटी की देखरेख करने की गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. बाद में हमें आईसीई ने छोड़ दिया. मैं बेटी मैरी को लेकर चिकित्सक के पास गई, उसे इमरजेंसी रूम में भर्ती किया गया. लेकिन, उसकी मृत्यु हो चुकी थी.’’

  4. उन्होंने कहा- दुनियाभर के लोगों को यह जानना चाहिए कि आईसीई में बहुत सारे बच्चों के साथ क्या हो रहा है. मेरी बेटी तो जा चुकी है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि उसकी कहानी अमेरिकी सरकार को ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगी.ओवरसाइट एंड रिफॉर्म हाउस कमेटी की अध्यक्ष एलिजा कमिंग्स ने भीइसकी निंदा की है.

  5. कांग्रेस के हिस्पैनिक कॉकस के अध्यक्ष प्रतिनिधि जोकिन कास्त्रो ने बोला कि सरकार की औरजवाबदेही होनी चाहिए.सोमवार को संयुक्त देश के मानवाधिकार आयोग की प्रमुख मिशेल बैचलेट ने बोला था कि अप्रवासियों व शरणार्थियों को अमेरिकी के हिरासत केंद्रो में जिस प्रकार रखा जाता है, यह देखकर बेहद दुखी हूं.