2 वर्षीय गुलालेई इस्माइल का नाम पाक की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल , हुई फरार

2 वर्षीय गुलालेई इस्माइल का नाम पाक की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल , हुई फरार

जम्मू और कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप हिंदुस्तान पर लगाता रहा है, लेकिन खुद पाक में मानवाधिकारों का क्या हाल है? इसका पता ‘गुलालेई इस्माइल’ के मुद्दे से पता चलता है. बता दें कि 32 वर्षीय गुलालेई इस्माइल का नाम पाक की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल है. हालांकि गुलालेई अब पाक की सेना व खूफिया एजेंसियों को चकमा देकर पाक से फरार हो चुकी हैं व अब वह अमेरिका में हैं.

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अमेरिका के प्रसिद्ध अखबर न्यूयॉर्क टाइम्स ने गुलालेई इस्माइल की स्टोरी छापी है, जिसमें गुलालेई से वार्ता के आधार पर बताया गया है कि पाक में सेना आम लोगों पर किस तरह का जुल्म करती है. गुलालेई इस्माइल पाक के इस्लामाबाद शहर की रहने वाली हैं व पाक की सेना के विरूद्ध बहुत ज्यादा मुखर रही है. गुलालेई जब 16 वर्ष की थी, तब से ही वह मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं.

गुलालेई ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना की आम लोगों व खासकर स्त्रियों पर की जाने वाली ज्यादतियों के बारे में बहुत ज्यादा लिखा है. गुलालेई इस्माइल ने पाक में महिला अधिकारों व पाक की सेना द्वारा किए जाने वाले बलात्कारों व लोगों को गायब करने जैसे जुल्मों के विरूद्ध मुखर होकर आवाज उठायी.

गुलालेई का बोलना है कि पाक में सेना बेहद शक्तिशाली है. यही वजह है कि पाक की सेना इस बात से बेहद नाराज है व उसने गुलालेई पर देशद्रोह व देश की छवि बेकार करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हिरासत में लेने की प्रयास की, लेकिन गुलालेई को इस बात की जानकारी उनके किसी दोस्त से पहले ही लग गई व वह मई के अंत में अपने घर से फरार हो गई. इसके बाद गुलालेई करीब 3 महीने तक पाक के कई शहरों में रहीं व एक स्थान से दूसरी स्थान बदलती रहीं. पाक से सुरक्षित निकालने में गुलालेई के दोस्तों ने बहुत ज्यादा मदद की व अपने घरों में शरण दी.

गुलालेई ने वार्ता के दौरान बताया कि पाक से निकलने के दौरान वह कई चेकप्वाइंट व चौकियों से गुजरीं. इस दौरान बुर्के के चलते उन्हें कोई पहचान नहीं पाया. गुलालेई ने बताया कि पाक से निकलने के दौरान उन्होंने हवाई सफर नहीं किया, क्योंकि इससे उनके पकड़े जाने का भय था. खास बात ये है कि गुलालेई इस्माइल ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि वह किस तरह से पाक से निकली. उनका बोलना है कि यदि उन्होंने इसका खुलासा कर दिया तो उनके कई दोस्त कठिन में आ सकते हैं.

माना जा रहा है कि गुलालेई अफगानिस्तान या ईरान से होते हुए जलमार्ग से फरार हुई हैं. गुलालेई इस्माइल वैसे अमेरिका के ब्रुकलिन में अपनी बहन के साथ रह रही हैं, लेकिन उन्हें पाक में अपने माता-पिता की सुरक्षा की बहुत ज्यादा चिंता है. गुलालेई ने वैसे अमेरिका में शरण मांगी है व अमेरिका के कुछ नेताओं ने भी शरण देने के मुद्दे में गुलालेई की मदद करने की बात कही है.

गुलालेई ने अब अपना एक रिसर्च व एडवोकेसी ग्रुप की स्थापना की है, जिसे ‘वॉयस फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी’ नाम दिया गया है. इसके साथ ही कानून की पढ़ाई कर गुलालेई आगे भी मानवाधिकारों की लड़ाई जारी रखना चाहती हैं.