जानिये डॉक्टरों के मना करने पर भी क्यों बल्लेबाजी करते रहे शाहिदी

जानिये डॉक्टरों के मना करने पर भी क्यों बल्लेबाजी करते रहे शाहिदी

क्रिकेट के मैदान पर मुकाबला सिर्फ गेंद व बल्ले का ही नहीं होता, बल्कि भावनाओं की जंग भी लड़ी जाती है। खिलाड़ी भावनाओं के ज्वार पर काबू रखते हुए मैच खेलते हैं व विजेता बनते हैं। वर्ल्ड कप 2019 में इंग्लैंड व अफगानिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में भी ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला।

मंगलवार को खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 150 रन की बड़ी जीत पंजीकृत की। इंग्लैंड ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 397 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।जवाब में अफगानिस्तान की टीम 8 विकेट पर 247 रन की बना सकी। महज 71 गेंदों पर रिकॉर्ड 148 रन जड़ने वाले इंग्लैंड के कैप्टन ऑयन मॉर्गन मैन ऑफ द मैच चुने गए।

इस मैच के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। तब क्रीज पर अफगानिस्तान के बल्लेबाज हशमतुल्लाह शाहिदी बल्लेबाजी कर रहे थे। सामने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड थे। तभी वुड की एक उछाल लेती गेंद शाहिदी के हेलमेट पर लगी, जिससे उनका हेलमेट टूट गया व वो जमीन पर गिर गए। मगर शाहिदी तुरंत ही खड़े हो गए वबल्लेबाजी के लिए तैयार दिखे। हर कोई दंग था कि इतनी तेज गेंद हेलमेट पर लगने के बाद भी शाहिदी तुरंत इतने सहज कैसे हो गए। शाहिदी ने खुद ही अब इसका खुलासा किया है।

मां के लिए भूल गया दर्द
अफगानिस्तान के इस दिलेर बल्लेबाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरी मां हर वक्त मेरी चिंता करती रहती हैं। मैंने पिछले वर्ष ही अपने पिता को खो दिया था, इसलिए मैं उनका दिल नहीं दुखाना चाहता था। इसीलिए मैं गेंद लगने के बाद तुरंत ही खड़ा हो गया।

डॉक्टरों ने कहा, मत खेलो फिर भी बल्लेबाजी करते रहे शाहिदी

मार्क वुड की गेंद हेलमेट पर लगने के बाद जब शाहिदी गिर गए तो वाहं आईसीसी के चिकित्सक पहुंच गए। डॉक्टरों ने उनकी हालत पर चिंता जताई व सलाह दी कि वे बल्लेबाजी जारी न रखें। मगर शाहिदी नहीं माने। अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने बताया कि चिकित्सक मेरे पास आए। मेरा हेलमेट टूट चुका था। उन्होंने मुझसे बोला कि चलो मैदान के बाहर।मैंने उनसे बोला कि मैं इस वक्त अपनी टीम को नहीं छोड़ सकता। मेरा पूरा परिवार ये मैच देख रहा है। मेरा बड़ा भाई स्टेडियम में उपस्थित है। मैं उन्हें अपने लिए चिंतित होते नहीं देखना चाहता।

अफगानिस्तान टीम मैनेजमेंट के एक मेम्बर ने बताया कि डॉक्टरों ने शाहिदी से बोला कि मैदान छोड़ दीजिए, लेकिन इस बल्लेबाज ने जवाब दिया कि मैं अच्छा हूं व बल्लेबाजी जारी रखूंगा। हशमतुल्लाह शाहिदी ने इस मैच में अफगानिस्तान की ओर से सर्वाधिक 76 रन की पारी खेली थी।