यूपी-दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में खतरनाक हुआ वायु प्रदूषण

यूपी-दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में खतरनाक हुआ वायु प्रदूषण

उत्तर भारत में वायु प्रदूषण की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब समेत उत्‍तर भारत के अधिकतर राज्‍यों में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है। विशेषकर दिल्ली और इससे सटे इलाकों में तो वायु प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता में काफी कमी आई है। हालांकि, तीन दिनों से लगातार दिल्ली में जारी वायु प्रदूषण में मामूली कमी आई है। तेज हवाओं के कारण यह कमी दर्ज हुई है, जिससे हवा की क्वालिटी गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई।

इससे पहले सोमवार का औसत AQI 390 दर्ज किया गया जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी है। दिवाली पर आतिशबाजी और प्रतिकूल मौसम के बीच पराली जलाने के कारण दिल्ली में पिछले तीन दिनों की हवा गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज की गई थी। राजधानी दिल्‍ली के विभिन्‍न इलाकों में मंगलवार 9 नवंबर की सुबह सात बजे वायु प्रदूषण का स्‍तर बहुत गंभीर रिकार्ड किया गया।

दिल्ली

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार के इलाके में एक्‍यूआई लेवल 434 रिकार्ड किया गया इसी तरह से आइटीओ दिल्ली का भी एक्‍यूआई लेवल गंभीर स्‍तर पर 422 रहा। चांदनी चौक में एक्‍यूआई लेवल 428 था जो गंभीर माना जाता है। एक दिन आईजीआई एयरपोर्ट बेहद खराब स्‍तर पर 362 मापा गया। इभास दिलशाद गार्डन में आज सुबह एक्‍यूआई लेवल 376 रहा। जहांगीरपुर में एक्‍यूआई का स्‍तर सुबह 7 बजे ही गंभीर स्‍तर पर था। इसको 453 रिकार्ड किया गया। जवाहरलाल नेहरू स्‍टेडियम सुबह 7 बजे 395 था।

हरियाणा

दिल्‍ली से सटे हरियाणा के अंबाला में सुबह 7 बजे एक्‍यूआई का स्‍तर बेहद खराब 360 रिकार्ड किया गया। इसी तरह बहादुरगढ़ में 345, भिवानी में 341, चरखी दादरी 356, बल्‍लभगढ़ 448, फरीदाबाद 458, गुरुग्राम 387, हिसार 378 रिकार्ड किया गया।


यूपी

उत्‍तर प्रदेश में भी वायु प्रदूषण काफी अधिक है। आगरा में 480-494 के बीच रिकार्ड किया गया। बागपत में 436, बुलंदशहर में 390, फिरोजाबाद में 499, गाजियाबाद 419-462 के बीच, ग्रेटर नोएडा में 393-426 के बीच. हापुड़ 432, कानपुर में 308-418 के बीच, लखनऊ में 220-376 के बीच, मेरठ में 415-429 के बीच, वृंदावन में 473, नोयडा में 408-446 तक एक्‍यूआई का स्‍तर रिकार्ड किया गया है।

अन्य राज्यों का हाल

इसी तरह पंजाब के अमृतसर, भठिंड और रूपनगर में माड्रेट, जालंधर, खन्‍ना, लुधियाना, पटियाला में बेहद खराब रिकार्ड किया गया है। बिहार के गया में एक्‍यूआई का स्‍तर संतोषजनक स्‍तर पर रिकार्ड किया गया। पटना में अधिकतर जगहों पर ये खराब से बेहद खराब रिकार्ड किया गया है। हाजीपुर में भी एक्‍यूआई का स्‍तर बेहद खराब रहा। 


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।