विदेशी सांसद को  केन्द्र सरकार के विरूद्ध रिएक्शन देना पड़ा भारी, सरकार ने उठाये सख्त कदम

विदेशी सांसद को  केन्द्र सरकार के विरूद्ध रिएक्शन देना पड़ा भारी, सरकार ने उठाये सख्त कदम

जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को वापस लेने के निर्णय पर केन्द्र सरकार के विरूद्ध रिएक्शन देने वाली एक विदेशी सांसद को हिंदुस्तान में नहीं आने दिया गया. सरकार के इस निर्णय का अब विपक्ष ने भी समर्थन किया है. 

राज्यसभा सांसद व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी ने मंगलवार (18 फरवरी, 2020) ने इस मामले में एक ट्वीट किया. उन्होंने बोला का डेब्बी अब्राहम का निर्वासन वास्तव में आवश्यक था. जम्मू और कश्मीर को विशेष प्रदेश का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान निरस्त होने का लेबर पार्टी की सांसद डेब्बी अब्राहम्स ने विरोध किया था. उन्होंने इस कदम के विरूद्ध सरकार की खूब आलोचना की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार का समर्थन करते हुए कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा, ‘भारत द्वारा डेब्बी अब्राहम का निर्वासन वास्तव में आवश्यक था. चूंकि वह सिर्फ एक सांसद नहीं हैं, बल्कि एक पाकिस्तानी प्रतिनिधि भी हैं, जिन्हें पाक सरकार व आईएसआई के साथ उनके संबंधों के लिए भी जाना जाता है. हर उस कोशिश को नाकाम किया जाना चाहिए जो हिंदुस्तान की संप्रभुता पर हमला करने की प्रयास करता है.’

सिंघवी के ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक उपभोक्ता अजित सिंह @ajeetsin ट्वीट कर लिखते हैं, ‘सरकार द्वारा आमंत्रित किए जाने के बावजूद आईएसआई ऑफिसर खुद हिंदुस्तान आ सकते हैं, मगर उनके प्रतिनिधि हिंदुस्तान नहीं आ सकते? आज प्रातः काल आपने किस तरह का ध्रूमपान किया.’ एक उपभोक्ता इसी ट्वीट को कांग्रेस पार्टी नेता शशि थरूर को टैग कर पूछते हैं, ‘इस पर आप क्या कहते हैं?’

इसी तरह अजय @TrueBappa ट्वीट कर लिखते हैं, ‘धन्यावाद सिंहवी जी. राष्ट्रवादी सियासी विचारधाराओं के साथ गठजोड़ के आधार पर राष्ट्रहित की बातों का समर्थन या विरोध नहीं करता. शशि थरूर को समझाइए.’ राष्ट्रभक्त @SatishM81957227 नाम से एक उपभोक्ता लिखते हैं, ‘सर इस बारे में थोड़ा शशि थरूर व संजय झा और अन्य कांग्रेसियों को समझाइए. जो कल से परेशान हैं.’

उल्लेखनीय है कि डेब्बी अब्राहम्स ने सोमवार को दावा किया कि वैध वीजा होने के बाद भी उन्हें हिंदुस्तान में प्रवेश नहीं करने दिया गया. हालांकि उनके वैध वीजा के दावे के गृह मंत्रालय ने खंडन किया है. एक बयान में बोला गया कि उन्हें (पहले ही) सूचना दे दी गई थी कि उनका ई-वीजा रद्द कर दिया गया है.

कश्मीर पर आल पार्टी पार्लियामेंटरी ग्रुप की अध्यक्ष अब्राहम्स ने बोला कि वह अपने परिवार व दोस्तों से मिलने वैध ई वीजा पर यात्रा कर रही थीं लेकिन बिना कारण बताए उनका वीजा रद्द कर दिया गया. इसी बीच गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने दिल्ली में बोला कि ब्रिटिश सांसद को समुचित तरीका से सूचना दे दी गई थी कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया है व इस बात की जानकारी होने के बावजूद वह दिल्ली आईं.

इस पर अब्राहम्स ने बोला कि उन्हें ‘13 फरवरी से पहले कोई मेल नहीं मिला था.’ उन्होंने बोला कि उसके बाद से वह यात्रा पर हैं व अपने ऑफिस से दूर हैं