कोटा के किसान ने आम की ऐसी किस्म विकसित की जिसमें बारहों महीने फल आता

कोटा के किसान ने आम की ऐसी किस्म विकसित की जिसमें बारहों महीने फल आता

राजस्थान के कोटा निवासी किसान श्रीकृष्ण सुमन (55 वर्ष) ने आम की एक ऐसी नई किस्म विकसित की है जिसमें नियमित तौर पर पूरे साल सदाबहार नाम का आम पैदा होता है। आम की यह किस्म आम के फल में होने वाली ज्यादातर प्रमुख बीमारियों और आमतौर पर होने वाली गड़बड़ियों से मुक्त है।

इसका फल स्वाद में ज्यादा मीठा, लंगड़ा आम जैसा होता है और नाटा पेड़ होने के चलते किचन गार्डन में लगाने के लिए उपयुक्त है। इसका पेड़ काफी घना होता है और इसे कुछ साल तक गमले में भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा इसका गूदा गहरे नारंगी रंग का और स्वाद में मीठा होता है। इसके गूदे में बहुत कम फाइबर होता है जो इसे अन्य किस्मों से अलग करत है। पोषक तत्वों से भरपूर आम स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

आम की इस नई किस्म का विकास करने वाले गरीब किसान श्रीकृष्ण ने कक्षा दो तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था और अपना पारिवारिक पेशा माली का काम शुरू कर दिया था। उनकी दिलचस्पी फूलों और फलों के बागान के प्रबंधन करने में थी जबकि उनका परिवार सिर्फ गेहूं और धान की खेती करता था। उन्होंने यह जान लिया था कि गेहूं और धान की अच्छी फसल लेने के लिए कुछ बाहरी तत्वों जैसे बारिश, पशुओं के हमले से रोकथाम और इसी तरह की चीजों पर निर्भर रहना होगा और इससे सीमित लाभ ही मिलेगा।

उन्होंने परिवार की आमदनी बढ़ाने के लिए फूलों की खेती शुरू की। सबसे पहले उन्होंने विभिन्न किस्म के गुलाबों की खेती की और उन्हें बाजार में बेचा। इसके साथ ही उन्होंने आम के पेड़ लगाना भी शुरू किया।

सन् 2000 में उन्होंने अपने बागान में आम के एक ऐसे पेड़ को देखा जिसके बढ़ने की दर बहुत तेज थी, जिसकी पत्तियां गहरे हरे रंग की थी। उन्होंने देखा कि इस पेड़ में पूरे साल बौर आते हैं। यह देखने के बाद उन्होंने आम के पेड़ की पांच कलमें तैयार की। इस किस्म को विकसित करने में उन्हें करीब 15 साल का समय लगा और इस बीच उन्होंने कलम से बने इस पौधों का संरक्षण और विकास किया। उन्होंने पाया कि कलम लगाने के बाद पेड़ में दूसरे ही साल से फल लगने शुरु हो गए।

इस नई किस्म को नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) इंडिया ने भी मान्यता दी। एनआईएफ भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्तसाशी संस्थान है। एनआईएफ ने आईसीएआर- राष्ट्रीय बागबानी संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हार्टिकल्चरल रिसर्च (आईआईएचआर), बैंगलौर को भी इस किस्म का स्थल पर जाकर मूल्यांकन करने की सुविधा दी। इसके अलावा राजस्थान के जयपुर के जोबनर स्थित एसकेएन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने इसकी फील्ड टेस्टिंग भी की। अब इस किस्म का, पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम तथा आईसीएआर- नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (एनवीपीजीआर) नई दिल्ली के तहत पंजीकरण कराने की प्रक्रिया चल रही है।


एनआईएफ ने नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन स्थित मुगल गार्डेन में इस सदाबहार आम की किस्म का पौधा कराने में भी सहायता की है। इस सदाबहार किस्म के आम का विकास करने के लिए श्रीकृष्ण सुमन को एनआईएफ का नौवां नेशनल ग्रासरूट इनोवेशन एंड ट्रेडिशनल नॉलेज अवार्ड दिया गया है और इसे कई अन्य मंचों पर भी मान्यता दी गई है।

श्रीकृष्ण सुमन को 2017 से 2020 तक देश भर से और अन्य देशों से भी सदाबहार आम के पौधों के 8000 से ज्यादा ऑर्डर मिल चुके हैं। वह 2018 से 2020 तक आंध्रप्रदेश, गोवा, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और चंडीगढ़ को 6000 से ज्यादा पौधों की आपूर्ति कर चुके हैं। 500 से ज्यादा पौधे राजस्थान और मध्यप्रदेश के कृषि विज्ञान केंद्रों और अनुसंधान संस्थानों में वे खुद लगा चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात के विभिन्न अनुसंधान संस्थानों को भी 400 से ज्याद कलमें भेज चुके हैं। 


देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोतरी

देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोतरी

देश में कोरोना (Coronavirus) के मामले एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो रहे है. जिसके बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गए है. बात करें मामलों की तो केरल में तेजी से कोरोना (Kerala Mein Corona Case) के मामले बढ़ रहे है. देशभर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 43,654 नए मामले सामने आए (Aaj India Mein Corona Ke Kitne Naye Mamle Aae) है. वहीं, 640 लोगों की मौत भी हुई है. वहीं, कोरोना के कुल नए मामलों में आधे से ज्यादा मरीज अकेले केरल से हैं. केरल में मंगलवार को कोरोना के 22,129 नए मामले सामने आए हैं, जो कि 29 मई के बाद एक दिन में मिले संक्रमितों की सबसे बड़ी संख्या है. बढ़ते मामलों के बीच केरल इस समय सबसे अधिक चिंता का विषय बना हुआ है. देश के कुल मामलों का लगभग 50 परसेंट केरल से ही है. राज्य में पिछले 24 घंटे में 22129 केस दर्ज किए गए हैं. केरल में डेली मामलों का औसत करीब 16700 केस बना हुआ है. केरल के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इन जगहों पर आए हैं मामले सबसे ज्यादा 4,037 मामले मलाप्पुरम से सामने आए हैं. इसके बाद त्रिशूर में 2,623, कोझिकोड से 2,397 और एर्नाकुलम से 2,352 और पलक्कड़ से 2,115 मामले मिले. इसके अलावा कोल्लम से 1,914 और कोट्टायम से 1,136, तिरुवनंतपुरम से 1,100, कन्नूर से 1,072 और अलप्पुझा से 1,064 मामले सामने आए. अलर्ट मोड पर केरल प्रशासन केरल प्रशासन बढ़ते मामलों को देखते हुए अलर्ट मोड पर आ गई है. विभाग ने अस्पतालों में व्यवस्था पूरी कर ली है. जिससे कोरोना की दूसरी लहर की तरह मामला न बिगड़े और समय रहते लोगों को इलाज मिल जाए. इन पांच राज्यों से कोरोना से सबसे अधिक नए मामले देश में जिन पांच राज्यों से कोरोना के सबसे अधिक नए मामले सामने आए हैं, उसमें केरल सबसे ऊपर है. इसके बाद हमेशा की तरह महाराष्ट्र से 6258 नए केस पिछले 24 घंटे में सामने आए. वहीं, तमिलनाडु से 1767 केस और आंध्र प्रदेश से 1540 नए मामले सामने आए. कर्नाटक से भी 1501 नए केस सामने आए हैं. कोरोना वैक्सीन की 44.61 करोड़ डोज देश में अभी तक कोविड-19 रोधी टीके की 44 करोड़ 61 लाख 56 हजार 659 डोज दी जा चुकी है. पांच राज्यों - गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग में एक करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी गई है. वहीं, आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 18-44 आयु वर्ग में 10 लाख से अधिक लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई है.