शरजील पर लगा हिंसा भड़काने का आरोप, दिल्ली पुलिस ने न्यायालय में किया आरोप लेटर दाखिल

शरजील पर लगा  हिंसा भड़काने का आरोप,  दिल्ली पुलिस ने न्यायालय में किया आरोप लेटर दाखिल

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन के दौरान जामिया व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हिंसा मुद्दे में दिल्ली पुलिस ने न्यायालय में आरोप लेटर दाखिल कर दिया है. इसमें दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के विद्यार्थी शरजील इमाम समेत 17 लोगों के नाम शामिल किए हैं.शरजील पर पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है. आरोपपत्र 13 फरवरी को पेश किया गया.

साकेत स्थित चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहन कौर के समक्ष दिल्ली पुलिस की क्राइम शाखा ने आरोपपत्र दाखिल किया. इसमें पुलिस ने बोला कि शरजील इमाम के भड़काऊ सम्बोधन के बाद जामिया इलाके में हिंसा भड़की थी.

जामिया का कोई विद्यार्थी नहीं :

दिल्ली पुलिस ने जिन 17 लोगों के विरूद्ध आरोपपत्र दाखिल किया है उनमें कोई भी जामिया का विद्यार्थी नहीं है. पुलिस ने आरोपपत्र में जिन लोगों के नाम शामिल किए हैं, वे सभी लोकल लोग हैं.

पीएफआई कार्यकर्ता भी जाँच के दायरे में :आरोपपत्र में पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया है. साथ ही बोला है कि पीएफआई कार्यकर्ताओं की किरदार की जाँच की जा रही है.

और साक्ष्य पेश करेंगे:

दिल्ली पुलिस ने अदातल को बताया है कि मुद्दे की जाँच अभी भी जारी है व इस बारे में पूरक आरोपपत्र दाखिल कर जानकारी व साक्ष्य पेश किए जाएंगे.

ये धाराएं लगाईं:

पुलिस ने आरोपपत्र में मर्डर के प्रयास, आपराधिक साजिश, दंगे के लिए भड़काने, खतरनाक हथियार के साथ दंगा करना, पुलिस के कामकाज में बाधा उत्पन्न करना, लोक सेवक पर हमला व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप की धाराएं लगाई हैं.मालूम हो कि इस मुद्दे में दिल्ली पुलिस ने कुल 17 लोगों को हिरासत में लिया था. इनमें से सभी लोकल नागरिक हैं. इनमें से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी मुद्दे में नौ जबकि जामिया नगर में हुई हिंसा के मुद्दे में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

एसआईटी का दौरा

दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र में बोला है कि जामिया व न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में सीएए के विरूद्ध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कुल 97 लोग घायल हुए. यह भी बताया गया है कि इस दौरान 47 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. घायलों में आम लोगों के अतिरिक्त कई विद्यार्थी भी शामिल हैं.

दिल्ली पुलिस ने न्यायालय को 100 गवाहों की सूची व उनके बयानों की प्रति सौंपी है. सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों व अन्य संदिग्धों की फोन कॉल डिटेल व कुछ फोटोज़ भी बतौर साक्ष्य पेश की गई हैं.

दिल्ली पुलिस ने न्यायालय को 100 गवाहों की सूची व उनके बयानों की प्रति सौंपी है. सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों व अन्य संदिग्धों की फोन कॉल डिटेल व कुछ फोटोज़ भी बतौर साक्ष्य पेश की गई हैं.