दिल्‍ली समेत आसपास के इलाके की हवा हुई दमघोंटू, खतरनाक बनते जा रहे हैं हालात

दिल्‍ली समेत आसपास के इलाके की हवा हुई दमघोंटू, खतरनाक बनते जा रहे हैं हालात

दिल्‍ली और इससे सटे आसपास के राज्‍यों के इलाकों में हवा का स्‍तर बेहद खराब रिकार्ड किया जा रहा है। aqicn.org के ताजा आंकड़े इस चिंता को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सुबह से ही हवा में बेहद बारीक जानलेवा कण जिनको पीएम 2.5 कहा जाता है बेहद अधिक रिकार्ड किए गए हैं। मंगलवार 16 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्‍ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्‍टर 11 में एक्‍यूआई का स्‍तर 999 रिकार्ड किया गया है जो बेहद खतरनाक है। यहां के ही सेक्‍टर 30 में इसका लेवल 330 पाया गया है।

गुरुग्राम में 310, मानेसर में 351 रिकार्ड किया गया है। इसी तरह से उत्‍तर प्रदेश के ग्रेटर नोयडा के नालेज पार्क-3 में इसका स्‍तर 309, नालेज पार्क-5 में 469, नोयडा के सेक्‍टर 116 में 376, नोयडा 125 में 308, नायडा सेक्‍टर 1 में 304 और सेक्‍टर 62 नोयडा में 465 रिकार्ड किया गया है। गाजियाबाद जिले के वसुंधरा में 350, संजय नगर में 343 रिकार्ड किया गया है। ऐसे ही यूपी के हापुड़ में सुबह सात बजे एक्‍यूआई का स्‍तर 384, मेरठ के पल्‍लवपुरम में 401, बागपत में 363 रिकार्ड किया गया है।

इसी तरह से राजधानी दिल्‍ली में आज सुबह सात बजे एक्‍यूआई का विभिन्‍न जगहों पर खतरनाक स्‍तर रिकार्ड किया गया। सुबह सात बजे ही आनंद विहार इलाके में एक्‍यूआई का स्‍तर 470, वजीरपुर में 440, सत्‍यवती कालेज के पास 450, पंजाबी बाग में 359, द्वारका में 329, पूसा में 301, मंदिर मार्ग पर 343, अरबिंदो मार्ग पर 304, मेजर ध्‍यान चंद स्‍टेडियम के पास 362, दिल्‍ली स्थित अमेरिकी दूतावास के पास 357, झिलमिल में 466, पटपड़गंज इलाके में 406, श्रीनिवासपुरी में 313, नेशनल इंस्टिट्यूट आफ मलेरिया रिसर्च, द्वारका में 329, मुंडका में 356, सोनिया विहार में 405, नरेला में 488, बवाना में 355, रिकार्ड किया गया है।

वायु प्रदूषण के ये ताजा आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इन सभी इलाकों में हालात कल से भी अधिक खराब हैं। बता दें कि प्रदूषण के बढ़ते स्‍तर पर सुप्रीम कोर्ट भी चिंता जता चुका है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई हुई थी जिसमें आज इसको लेकर केंद्र से आपात बैठक बुलाने को कहा गया है। केंद्र इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान देगा।


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

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नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।