कदम दर कदम आगे बढ़ती हिंदी, दुनियाभर में हिंदी तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा

कदम दर कदम आगे बढ़ती हिंदी, दुनियाभर में हिंदी तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा

14 सितंबर, 1949 को हिंदी को संवैधानिक रूप से राजभाषा का दर्जा दिया गया था। संविधान के अनुच्छेद 343 में उल्लेख किया गया है कि देवनागरी लिपि के साथ हिंदी भारत की राजभाषा होगी। इसके बाद हर क्षेत्र में हिंदी को प्रसारित करने के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर 1953 से हर 14 सितंबर को देश में हिंदी दिवस मनाया जाने लगा।

कई राज्यों की मुख्य भाषा: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में हिंदी बोलचाल की मुख्य भाषा है। झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कुछ अन्य राज्यों में भी हिंदी प्रमुखता से बोली जाती है।

53 करोड़ है भारत में हिंदी बोलने वालों की संख्या

अहम बातें

फिजी, मारीशस, गुयाना, सूरीनाम में हिंदी को अल्पसंख्यक भाषा का दर्जा मिला है
अमेरिका में 30 से ज्यादा विश्वविद्यालयों व शिक्षण संस्थानों में हिंदी पढ़ाई जाती है
जर्मनी के 15 शिक्षण संस्थानों ने हिंदी भाषा और साहित्य के अध्ययन को अपनाया है
ब्रिटेन की लंदन यूनिवर्सिटी, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और यार्क यूनिवर्सिटी में भी हिंदी पढ़ाई जाती है
भारत को बेहतर तरीके से जानने के लिए दुनियाभर में करीब सवा सौ शिक्षण संस्थानों में हिंदी का अध्ययन-अध्यापन होता है
तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा: दुनियाभर में हिंदी तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसके 70 करोड़ लोग बोलते हैं। 1.12 अरब बोलने वालों के साथ अंग्रेजी पहले और 1.10 अरब के साथ चीन की मंदारिन भाषा दूसरे स्थान पर है। 51.29 करोड़ और 42.2 करोड़ के साथ स्पैनिश व अरब का क्रमश: चौथा और पांचवां स्थान है। दुनियाभर की भाषाओं की जानकारी पर प्रकाशित होने वाले एथनोलाग के कुछ साल पहले आए संस्करण के मुताबिक, 28 ऐसी भाषाएं हैं, जिनके बोलने वालों की संख्या पांच करोड़ से ज्यादा है।

बढ़ रही मौजूदगी: विदेश में दो दर्जन से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं का नियमित तौर पर हिंदी में प्रकाशन हो रहा है। कई देशों में हिंदी में रेडियो व टीवी प्रोग्राम भी आते हैं। एक दर्जन से ज्यादा देशों में इस समय हिंदी भाषी लोग ठीक-ठाक संख्या में रह रहे हैं।

तकनीक की दुनिया में बढ़ा दखल: इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ तकनीक की दुनिया में हिंदी का दखल बढ़ा है। माइक्रोसाफ्ट, गूगल, ओरेकल व आइबीएम जैसी बड़ी कंपनियां हिंदी का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। इंटरनेट की दुनिया में भी हिंदी का दबदबा लगातार बढ़ रहा है।


अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

अदालतों में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, केंद्र व राज्यों को कदम उठाने का दिया जाए निर्देश

दिल्ली की एक जिला अदालत के भीतर शुक्रवार को गोलीबारी की घटना के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर केंद्र और राज्यों को अधीनस्थ अदालतों में सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि गैंगस्टर और कुख्यात अपराधियों को प्रत्यक्ष रूप से पेश करने के बजाय निचली अदालत के समक्ष जेलों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दायर की है। एक अन्य वकील दीपा जोसेफ ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में जिला अदालतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश देने का आग्रह किया। दिल्ली की रोहिणी अदालत में गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर वकील के वेश में आए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।


आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया

शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शुक्रवार को यहां भीड़भाड़ वाले अदालत कक्ष के अंदर गोलीबारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और इस सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल से बात की थी। तिवारी का आवेदन एक लंबित याचिका में शीर्ष अदालत में दायर किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया

इस याचिका में झारखंड में 28 जुलाई को धनबाद के जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद की वाहन से कुचलकर हत्या के मामले का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया। दिल्ली में हुई गोलीबारी का जिक्र करते हुए अर्जी में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और अदालत परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए बल्कि न्याय प्रणाली के लिए भी खतरा हैं।