पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी व बारिश लोगों के लिए बन गई है यह बड़ी मुसीबत, जाने क्या

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी व बारिश लोगों के लिए बन गई है यह बड़ी मुसीबत, जाने क्या

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी व बारिश लोगों की मुसीबत बन गई है. वहीं, मैदानी इलाकों में फिर ठिठुरन बढ़ गई है. हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी के बाद कई स्थान भूस्खलन से 359 सड़कें बंद हैं.

लाहौल में हिमखंड गिरने से चिनाब नदी का प्रवाह रुक गया. मौसम विभाग के अनुसार, मौसम की मार से वैसे अगले दो दिनों तक राहत मिलने के संभावना नहीं हैं.

सार

  • 359 सड़कें बंद हुईं बफबारी के चलते हिमाचल प्रदेश में
  • 100 से अधिक हाईवे व सम्पर्क मार्ग बंद जम्मू-श्रीनगर में
  • खराब मौसम के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द
  • 250 गांवों में पहले गिरी बर्फ पर फिर बर्फबारी उत्तराखंड में
  • 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ से कई स्थान बर्फबारी, बारिश

विस्तार

जम्मू और कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद हो गया है व श्रीनगर एयपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं. उत्तराखंड के सैकड़ों गांवों में पहले से जमी बर्फ के बीच सोमवार को फिर बर्फबारी हुई. इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने बोला है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश व बर्फबारी हो सकती है.

लाहौल घाटी के ठोलंग गांव के समीप वामतट की पहाड़ी पर मिजली नाला में हिमखंड गिरने से चिनाब नदी का बहाव पांच घंटे रुका रहा. मंडी-कुल्लू नेशनल हाईवे पर भूस्खलन में सैकड़ों सैलानी फंस गए. चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर चट्टानें गिरने से सड़क एक घंटा बाधित रही. सोमवार को प्रदेश में 359 सड़कें बंद रहीं. इस बीच, 16 जनवरी को भी भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. लोनिवि को 8 दिनों में लगभग 107 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

देरी से चल रहीं ट्रेनें
उत्तर रेलवे क्षेत्र में कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से 15 ट्रेनें देरी से चल रही हैं.

हिमस्खलन में फंसी किशोरियों को बचाया

दुद्रानीन उड़ी, बारामूला में हिमस्खलन में फंसी दो किशोरियों को लोकल लोगों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बचाया. इनकी पहचान शगुफ्ता (18) व मीमा (15) के रूप में हुई है.

कहां कितनी बर्फबारी
क्षेत्र बर्फबारी (सेंटीमीटर में)
रोहतांग दर्रा 150
कोकसर 90
केलांग 60

कहां कितना पारा

क्षेत्र न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
केलांग -60
लेह -6.7
गुलमर्ग -5.0
कल्पा -3.3
पहलगाम -2.7
श्रीनगर -1.8
मनाली -0.8
डलहौजी 4.2
धर्मशाला 4.8
कुफरी 5.0
शिमला 7.7
उत्तरकाशी 3


मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अनुमान है कि 15 व 16 जनवरी को हिमालय के पहाड़ी व मैदानी इलाके प्रभावित रहेंगे. इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में तेज हवा, गरज-चमक के के साथ बारिश व बर्फबारी हो सकती है, जिसका प्रभाव मैदानों में भी दिखेगा.

मोटा अनाज, दाल, तिलहन, गन्ना, ये कुछ ऐसी खरीफ फसलें हैं, जिनका उत्पादन मौजूदा वित्त साल में 53 फीसदी तक घट सकता है. यह अनुमान एक कृषि उत्पाद अध्ययन कंपनी ने लगाया गया है. इस गिरावट की वजह देरी से आए मानसून व छितराई हुई बारिश व देरी से हुई भारी बारिश को वजह बताया गया है.

यह रिपोर्ट नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन ने तैयार की है. रिपोर्ट के अनुसार लंबी अवधि में मानसूनी बारिश 110 फीसदी हुई, सबसे ज्यादा मध्य, दक्षिण, पश्चिमोत्तर व पूर्वोत्तर में दर्ज की गई. कॉरपोरेशन के प्रमुख हनीश कुमार सिन्हा के अनुसार 13 राज्यों में जुलाई से अगस्त बाढ़ ने कृषि उत्पादन को प्रभावित किया.

चावल व दालों की बुआई प। बंगाल, बिहार, झारखंड, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व महाराष्ट्र में घटी. बाद में सुधार आया, लेकिन खरीफ में कुल 25 दिन तक की देरी हो गई. सबसे ज्यादा देरी से आए मानसून ने नुकसान किया जो सामान्य से 32 फीसदी अधिक बरसा.

इतने नुकसान का अनुमान

  • चावल उत्पादन - 8.21 प्रतिशत
  • मक्का - 11.6 प्रतिशत
  • बाजरा - 1.98 प्रतिशत
  • मूंग - 27.38 प्रतिशत
  • उड़द - 18.38 प्रतिशत
  • तूअर - 10.47 प्रतिशत
  • तिलहन - 23.78 प्रतिशत